Varuthini Ekadashi 2026: ‘वरूथिनी एकादशी’ की इस विधि से पूजा से मिलेगा कन्यादान और स्वर्णदान बराबर पुण्य
Varuthini Ekadashi Rituals: वरूथिनी एकादशी का व्रत और विधिपूर्वक पूजा करने से कन्यादान और स्वर्ण दान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन भगवान श्रीहरि की उपासना करने से पापों से मुक्ति मिलती है।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी ( सौ. AI)
Varuthini Ekadashi 2026 Puja Vidhi : 13 अप्रैल 2026 सोमवार को वैशाख महीने की पहली एकादशी यानी वरूथिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत को मोक्ष, सौभाग्य व पापों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है। हर एकादशी पर विष्णु जी के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है।
वैशाख माह में आने वाली वरूथिनी एकादशी पर भगवान वराह और श्री हरि के ‘मधुसूदन’ रूप की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन प्रभु श्रीहरि की पूजा-अर्चना करने से कन्यादान और स्वर्णदान बराबर पुण्य मिलता है। चलिए जानते हैं कि इस तिथि पर आप किस तरह प्रभु श्रीहरि की कृपा के पात्र बन सकते हैं।
श्रीहरि की कृपा पाने के लिए करें ये काम
- वरूथिनी एकादशी के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और पीले रंग के कपड़े पहनें धारण करें।
- पूजा स्थल पर की साफ-सफाई के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
- उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं और पीला चंदन, पीले रंग के फूल और अक्षत आदि अर्पित करें।
- तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है, इसलिए तुलसी दल जरूर चढ़ाएं।
- पूजा के दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “ॐ श्री मधुसूदनाय नमः” मंत्र का 108 बार जप करें।
- अंत में एकादशी की कथा का पाठ करें और सभी लोगों में प्रसाद बांटें।
- शाम के समय घी का दीपक जलाकर ‘विष्णु सहस्रनाम’ का पाठ करें।
वरूथिनी एकादशी के दिन किन नियमों का करें पालन
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तामसिक भोजन
वरूथिनी एकादशी के दिन तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा और चावल का भी सेवन वर्जित माना जाता है।
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किसी की निंदा न करे
किसी की बुराई (चुगली), निंदा या क्रोध करने से व्रत का फल नहीं मिलता।
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दान-दक्षिणा करे
द्वादशी तिथि के दिन शुभ मुहूर्त में ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा (कच्चा राशन) दें।
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ब्रह्मचर्य का पालन करें
एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।
किस दान से बदल सकती है आपकी किस्मत
वैशाख के महीने में गर्मियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे में आप वरूथिनी एकादशी के दिन जल से भरे घड़े, रसदार फलों जैसे खरबूजा, तरबूज, आम के साथ-साथ अन्न और पीले रंग के कपड़ों का भी दान करके महापुण्य प्राप्त कर सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान व्यक्ति के जीवन से दुख और दरिद्रता का नाश करता है।
