भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी ( सौ. AI)
Varuthini Ekadashi 2026 Puja Vidhi : 13 अप्रैल 2026 सोमवार को वैशाख महीने की पहली एकादशी यानी वरूथिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत को मोक्ष, सौभाग्य व पापों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है। हर एकादशी पर विष्णु जी के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है।
वैशाख माह में आने वाली वरूथिनी एकादशी पर भगवान वराह और श्री हरि के ‘मधुसूदन’ रूप की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन प्रभु श्रीहरि की पूजा-अर्चना करने से कन्यादान और स्वर्णदान बराबर पुण्य मिलता है। चलिए जानते हैं कि इस तिथि पर आप किस तरह प्रभु श्रीहरि की कृपा के पात्र बन सकते हैं।
वरूथिनी एकादशी के दिन तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा और चावल का भी सेवन वर्जित माना जाता है।
किसी की बुराई (चुगली), निंदा या क्रोध करने से व्रत का फल नहीं मिलता।
द्वादशी तिथि के दिन शुभ मुहूर्त में ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा (कच्चा राशन) दें।
एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।
वैशाख के महीने में गर्मियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे में आप वरूथिनी एकादशी के दिन जल से भरे घड़े, रसदार फलों जैसे खरबूजा, तरबूज, आम के साथ-साथ अन्न और पीले रंग के कपड़ों का भी दान करके महापुण्य प्राप्त कर सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान व्यक्ति के जीवन से दुख और दरिद्रता का नाश करता है।