अकोला: 13 अप्रैल को वरूथिनी एकादशी पर बन रहा शुभ संयोग; व्रत से मिलेगा सुख-सौभाग्य और संकटों से छुटकारा

Akola News: अकोला में 13 अप्रैल को वरूथिनी एकादशी मनाई जाएगी। भगवान विष्णु की उपासना और शुभ योगों के संगम में व्रत रखने से सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होगी। जानें पूजा का समय और महत्व।
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Akola Varuthini Ekadashi News: अकोला हर वर्ष वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन वरूथिनी एकादशी मनाई जाती है। इस वर्ष सोमवार 13 अप्रैल को वरूथिनी एकादशी आ रही है। यह पर्व जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन भक्तजन प्रातःकाल स्नानध्यान कर श्रद्धा भाव से लक्ष्मीनारायण जी की पूजा करते हैं और मनोकामना पूर्ण होने के लिए व्रत रखते हैं।

धार्मिक मान्यता है कि वरूथिनी एकादशी का व्रत करने से साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है तथा जीवन के सभी संकटों से मुक्ति मिलती है। मृत्यु के बाद साधक को उच्च लोक की प्राप्ति होती है। वरूथिनी एकादशी का व्रत साधक को सुख, सौभाग्य और मोक्ष की प्राप्ति कराता है।

शुभ योग और नक्षत्रों के संयोग में की गई पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का संचार होता है। यह पर्व भक्तों के लिए आध्यात्मिक उत्थान और ईश्वर से जुड़ने का श्रेष्ठ अवसर है।

तिथि और पारण समयवैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 13 अप्रैल को रात 0116 बजे होगा और इसका समापन 14 अप्रैल को रात 0108 बजे होगा।

इस प्रकार वरूथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल को रखा जाएगा। पारण समय 14 अप्रैल को सुबह 0654 बजे से लेकर सुबह 0831 बजे तक। इस दौरान स्नानध्यान कर विधिवत पूजा करें और अन्नदान के बाद व्रत खोलें।

पाइंटर।।शुभ योग और नक्षत्रज्योतिषीय दृष्टि से इस बार वरूथिनी एकादशी पर शुभ योग और शुक्ल योग का संयोग बन रहा है। साथ ही शिववास योग भी रहेगा।

इस दिन देवों के देव महादेव कैलाश पर विराजमान रहेंगे। शतभिषा और धनिष्ठा नक्षत्र का संयोग रहेगा। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से साधक के सुख और सौभाग्य में अपार वृद्धि होती है।

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