Vinayak Chaturthi: आज है वैशाख विनायक चतुर्थी 2026, इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, बनेंगे सुख-समृद्धि के योग

Vinayak Chaturthi Vrat Katha: वैशाख विनायक चतुर्थी 2026 का दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता के योग बनते है।
Vaishakh Vinayak Chaturthi 2026
भगवान गणेश (सौ. AI)
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Vaishakh Vinayak Chaturthi 2026:  आज 20 अप्रैल 2026 को वैशाख महीने की विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। हर माह आने वाली शुक्ल और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का व्रत रखा जाता है। चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है।

विनायक चतुर्थी पर शोभन योग का संयोग

ज्योतिषयों के अनुसार, वैशाख माह में पड़ने वाली विनायक चतुर्थी बहुत ही फलदायी मानी जाती है। आज के दिन शोभन योग भी संयोग जिसे ज्योतिष में बहुत ही अच्छा माना जाता है। शोभन योग में पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है। विनायक चतुर्थी पर विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में कष्टों से मुक्ति मिलती है।

विनायकी चतुर्थी व्रत का महत्व और लाभ

आज वैशाख महीने की विनायक चतुर्थी का व्रत है। यह शुभ तिथि गणेश को समर्पित होती है। धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि,विनायकी चतुर्थी व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली सभी तरह की बाधाएं खत्म हो जाती है। साथ जीवन में सुख-समृद्धि, बुद्धि, विवेक और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, जिन लोगों को कार्यों में बार-बार असफलताओं का सामना करना पड़ता है। उनको इससे मुक्ति मिलती है। हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का अपना एक विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश का पूजन करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। शास्त्रों में चतुर्थी तिथि पर भगवान गजानन की आराधना से सुख-सौभाग्य में वृद्धि और घर-परिवार पर आ रही बाधाओं से मुक्ति मिलती है और रुके हुए मांगलिक कार्य पूरे होते हैं।

ऐसे करें विनायक चतुर्थी पूजा विधि

विनायक चतुर्थी पर सबसे पहले सुबह जल्दी स्नान करें। फिर घर के मंदिर को साफ करते हुए वहां पर भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित करें। अब इसके बाद एक चौकी में लाल कपड़ा बिछाकर गणपति को विराजित करें। इसके बाद हाथ में गंगाजल लेकर पूजा का संकल्प लेते हुए पूजा विधि-विधान के साथ शुरू करें। अब भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक, लड्डू और पुष्प अर्पित करें। इसके बाद धूप-दीप जलाकर विधि-विधान के साथ पूजा करें। इस दिन गणेश मंत्र का जाप, गणेश चालीसा का पाठ करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसके बाद शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें।

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