

Vrindavan Mahima: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान सबसे ज्यादा अगर किसी चीज से हार रहा है, तो वह है उसका अपना मन। ऐसे में संतों की शिक्षाएं ही वह रास्ता दिखाती हैं, जो जीवन को सही दिशा दे सकती हैं। Shri Premanand Ji Maharaj के अनुसार "चाहे कुछ भी हो जाये... ये 2 बातें कभी मत भूलना" और यही दो बातें आपके जीवन को पूरी तरह बदल सकती हैं।
महाराज जी कहते हैं कि अगर आपको माया के जाल में फंसने से बचना है, तो दो चीजों को जीवन में उतारना बेहद जरूरी है "नाम का आश्रय" और "सत्संग"। जिस व्यक्ति की जुबान पर प्रभु का नाम और कानों में सत्संग की गूंज रहती है, वह धीरे-धीरे परम पद की ओर बढ़ता है। सत्संग आपको रोज नई ऊर्जा और सही दिशा देता है।
जीवन की असली लड़ाई किसी और से नहीं, बल्कि अपने मन से होती है। अगर आपने मन को अपने नियंत्रण में कर लिया, तो आप जीत गए। लेकिन अगर मन भटक गया, तो वही आपका सबसे बड़ा दुश्मन बन जाता है। इसलिए जरूरी है कि मन को भगवान की ओर लगाया जाए, तभी जीवन में शांति और सफलता मिलती है।
आज के समय में "काम" यानी वासना इंसान को सबसे ज्यादा कमजोर बना रही है। यह बुद्धि को भ्रमित कर देती है और इंसान को गलत रास्ते पर ले जाती है। महाराज जी के अनुसार, इससे बचने का सबसे प्रभावी तरीका है वृंदावन की शरण लेना। यहां का वातावरण, संतों का संग और भक्ति का माहौल इंसान को अंदर से बदल देता है।
अगर आपको लगता है कि जीवन में कुछ भी ठीक नहीं हो रहा और आप पूरी तरह टूट चुके हैं, तो एक बार वृन्दावन जरूर जाएं। यहां की मिट्टी और माहौल ऐसा है कि जैसे मां अपने बच्चे को संभालती है, वैसे ही यह धाम हर भक्त को अपना लेता है और उसे सही राह दिखाता है।
भजन में मन न लगने का बहाना बनाना सही नहीं है। अगर मन भटकता है, तो उसे अलग-अलग तरीकों से साधें:
महाराज जी कहते हैं कि साधना में योद्धा बनो, कायर नहीं। गिरो, लेकिन फिर उठकर भगवान की ओर ही बढ़ते रहो।
अगर आप जीवन में सच्ची खुशी चाहते हैं, तो प्रभु का नाम जपें, सत्संग करें और हर जीव में भगवान को देखें। धीरे-धीरे आपका मन संसार से हटकर भक्ति में लग जाएगा और जीवन में सच्चा आनंद मिलेगा।