नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर (सौ.सोशल मीडिया)
Digha Jagannath Temple: आज 30 अप्रैल यानी अक्षय तृतीया पर दीघा में नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर का उद्घाटन पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति में किया जाएगा। मंदिर का औपचारिक उद्घाटन दोपहर 3 बजे से 3.10 बजे के बीच निर्धारित किया गया है। इसके बाद आम लोग मंदिर के दर्शन कर सकते हैं।
आपको बता दें कि दीघा रेलवे स्टेशन के पास 22 एकड़ में फैले इस परियोजना की शुरुआत पश्चिम बंगाल सरकार ने साल 2022 में की थी, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 250 करोड़ रुपए है। इस मंदिर के निर्माण का पूरा खर्चा ममता सरकार ने करवाया है।
बता दें, पर्यटन स्थल के रूप में समुद्र के किनारे बसा दीघा अब भगवान जगन्नाथ मंदिर के रूप में जाना जाएगा।
यह मंदिर ओडिशा में बने 12 वीं शताब्दी के प्रसिद्ध पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। बंगाल में यह मंदिर कलिंग वास्तुकला स्टाइल के आधार पर राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर से बनाया गया। बंगाल सरकार को उम्मीद है कि इससे इलाके में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। आइए जानते है इस बारे में।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन बलभद्र और सुभद्रा को समर्पित इस मंदिर का स्वरूप ओडिशा के पुरी स्थित प्रतिष्ठित जगन्नाथ मंदिर के अनुरूप बनाया गया है।
क्या है मंदिर की विशेषताएं
बंगाल के दीघा में बना जगन्नाथ मंदिर 20 एकड़ में फैला है। जिसे 250 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया। 800 से ज्यादा राजस्थान के शिल्पकार इस प्रोजेक्ट में काम किया, और अपनी मंदिर निर्माण कला का शानदार प्रदर्शन किया।
मंदिर परिसर में भोग मंडप, नटमंदिर, जगमोहन और गर्भगृह, जटिल नक्काशी और देवताओं की मूर्तियों लगाई गई हैं। एक 34 फीट ऊंचा, 18 मुख वाला अरुण स्तंभ काले पत्थर से बना है, जिसके ऊपर अरुण देवता की मूर्ति स्थापित की गई है।
आपको बता दें, बंगाल में बनी जगन्नाथ मंदिर पुरी के जगन्नाथ मंदिर के स्टाइल पर ही बना है। इस मंदिर में सिंहद्वार, व्याघ्रद्वार, हस्तिद्वार और अश्वद्वार बनाए गए हैं।
क्या है इस मंदिर के निर्माण की कहानी?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2019 में मंदिर के निर्माण की घोषणा की थी, साथ ही जमीन का चयन खुद ही किया। हालांकि, कोविड-19 की वजह से प्रोजेक्ट में देरी हुई। लेकिन अब मंदिर बनकर तैयार हो गया और इसका उद्घाटन 30 अप्रैल को होगी।
बहकर आई जगन्नाथ भगवान की मूर्ति
स्थानीय लोगों के अनुसार, जहां एक तरफ मंदिर का उद्घाटन की चर्चा जोरों पर है, वहीं दूसरी तरफ रविवार को दीघा समुद्र तट पर भगवान जगन्नाथ की लकड़ी की तैरती हुई मूर्ति पाई गई है। भगवान जगन्नाथ की सफेद रंग की मूर्ति लहरों के साथ बहकर तट पर आई है, जिसे देखकर हर कोई अचंभित है। मंदिर उद्घाटन से पहले मूर्ति का दीघा पर इस तरह आना चारों तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है। इस तरह मूर्ति का अचानक से आ जाना एक आध्यात्मिक महत्व को बढ़ा रहा है।
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पर्यटन और तीर्थाटन का नया केंद्र
इस मंदिर की वजह से दीघा में पर्यटक को बढ़ावा मिलेगा। ममता सरकार को उम्मीद है कि यह महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बनेगा और बढ़ी संख्या में लोग यहां आएंगे।