जन्माष्टमी के दिन किस धातु का हो कान्हा का झूला, घर की किस दिशा में हो और शुभता के लिए कैसे सजाएं
Lord Krishna Jhula For Janmashtami: जन्माष्टमी के दिन लोग व्रत रखकर रात्रि में कृष्ण का जन्मोत्सव मनाते हैं पूजा-पाठ करते हैं। साथ ही इस दिन श्रीकृष्ण का विशेष श्रृगांर भी किया जाता है।
- Written By: सीमा कुमारी
जन्माष्टमी के दिन ऐसे सजाएं कान्हा का झूला (सौ.सोशल मीडिया)
Janmashtami Decoration Ideas: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हर साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व भगवान कृष्ण के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार रूप में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इस साल शनिवार, 16 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी।
जन्माष्टमी के दिन लोग व्रत रखकर रात्रि में कृष्ण का जन्मोत्सव मनाते हैं पूजा-पाठ करते हैं। साथ ही इस दिन श्रीकृष्ण का विशेष श्रृगांर भी किया जाता है। हिन्दू मतों के अनुसार, जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का झूला सजाने की भी परंपरा है।
रात में कृष्ण जन्मोत्सव के बाद कान्हा को झूला भी झुलाया जाता है। अगर आप वास्तु अनुसार कान्हा का झूला सजाएंगे तो इससे घर पर सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। ऐसे में आइए जानें वास्तु अनुसार कैसे सजाएं कान्हा का झूला।
सम्बंधित ख़बरें
Ekadashi Puja Samagri: देवशयनी एकादशी व्रत कल, पूजा से पहले जरूर देखें यह जरूरी सामग्री लिस्ट
Gauri Vrat : शनिवार से शुरू हो रहा है गौरी व्रत, जानिए इस व्रत की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महिमा
Chaturmas 2026: चातुर्मास में इन 3 राशियों की लगेगी लॉटरी, करियर और कारोबार दोनों में होगी तरक्की
Ekadashi Vrat Katha: देवशयनी एकादशी कल,भगवान विष्णु को प्रसन्न करना है तो पूजा के बाद जरूर पढ़ें ये कथा
जन्माष्टमी के दिन ऐसे सजाएं कान्हा का झूला :
इस दिशा पर रखना शुभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन कान्हा का झूला उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण या पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिशा में देवता वास करते हैं। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि झूले में कान्हा की मूर्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ रहे।
धातु का भी रखें ध्यान
जन्माष्टमी पर कान्हा का झूला लकड़ी का हो तो यह शुभ है। साथ ही आप चांदी या पीतल जैसी धातुओं से निर्मित झूला भी बनवा सकते हैं या खरीद सकते है। लेकिन, स्टील या लोहे का झूला लेने से बचें।
झूले के रंग का भी रखें ध्यान
वास्तुशास्त्र के मुताबिक पीला, सफेद, हल्का नीला या फिर सुनहरे रंग का झूला आप जन्माष्टमी पर लगा सकते हैं। ये रंग शुभ माने जाते हैं।
ऐसे करें सजावट
तुलसी, गेंदे का फूल, गुलाब फूल, आम के पत्ते आदि से झूले की सजावट करें और तोरण लगाएं। रेशमी कपड़े, मोती, मणि, मोरपंख आदि से भी झूले की सवाजट की खूबसूरती बढ़ा सकते हैं।
ये भी पढ़ें-जन्माष्टमी की पूजा में लड्डू गोपाल को प्रसाद में क्या चढ़ाएं, जानिए श्रीकृष्ण के प्रिय भोग
मंदिर सजाते समय किन बातों से बचें
मंदिर और घर को सजाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। पूजा-पाठ में काले रंग का प्रयोग वर्जित माना जाता है, इसलिए मंदिर सजाने में लाल, पीला, हरा, गुलाबी जैसे शुभ रंगों का इस्तेमाल करें।
मंदिर के आस-पास जूते-चप्पल, झाड़ू या गंदगी न रखें। जिस जगह पर भगवान की प्रतिमा स्थापित करनी है, उसे अच्छे से साफ करें और वहां हल्का सा गंगाजल छिड़क दें।
