शाम का दीपक जलाते समय किन बातों का रखें ख्याल? जानिए किस दिशा में हो दीए का मुख
Sham Ka Deepak: शाम के समय दीपक जलाते समय दिशा, स्थान और कुछ जरूरी नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। जानिए दीये की लौ किस दिशा में होनी चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए।
- Written By: सीमा कुमारी
दीया जलाने के नियम (सौ.pinterest)
Sham Ka Diya Kis Disha Mein Jalaye:हिंदू धर्म में दीया के बिना कोई भी पूजा, यज्ञ और हवन पूरा नहीं माना जाता है। यही वजह है कि कोई भी पूजा पाठ से पहले दीया जरूर प्रज्वल्लित किया जाता है। दीया जलाने का ये भी मतलब होता है कि आप देवी-देवताओं का आह्वान कर रहे हैं।
हिंदू घरों में सुबह पूजा के समय दीया जलाकर देवी-देवताओं की आरती और पूजा अर्चना किया जाता है। हालांकि शाम को दिया जलाने को लेकर कुछ जरूरी नियमों को जानना जरूरी होता है ताकि दीया जलाने का बुरा प्रभाव घर और जीवन पर पड़े।
प्रदोष काल में दीया जलाने के नियम और सावधानियां
शाम को सूर्यास्त के समय यानी प्रदोष काल में घर के मुख्य द्वार और मंदिर में दीया जलाना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है। लेकिन दीया जलाते समय कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी होता है, क्योंकि छोटी-छोटी गलतियां अशुभ प्रभाव भी डाल सकती हैं।
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सही समय और स्थान
सूर्यास्त के बाद के समय को प्रदोष काल कहा जाता है। इस समय दीया जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन शाम के बाद यानी पूर्ण अंधकार होने के बाद दीया न जलाएं और न ही आधी रात में दीया जलाना चाहिए। इन दोनों समय दीया जलाना शुभ नहीं होता है।
दीये का प्रकार
घर के मंदिर में घी का दीया जलाना शुभ माना जाता है, जबकि तुलसी के पास या मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का दीया जलाया जा सकता है। मिट्टी का दीया सबसे पवित्र और शुद्ध माना जाता है।
दीये की दिशा
दीये की लौ का मुख पूर्व दिशा (उन्नति और सकारात्मकता) या उत्तर दिशा (लक्ष्मी का आगमन) की ओर होना चाहिए। दक्षिण दिशा की ओर दीया रखना शुभ नहीं माना जाता।
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दीया से जुड़ी जरूरी नियम
- दीया बिना हाथ धोएं कभी भी नहीं छूना चाहिए।
- दीया अगर किसी कारण बुझ गया है तो उसको फिर से जला देना चाहिए।
- दीया को फूंक मारकर या किसी भी तरह से बुझाना नहीं चाहिए।
- दीया हमेशा घर के मुख्य द्वार पर या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में रखना चाहिए।
- शाम को दीया जलाने के तुरंत बाद ही दरवाजा बंद नहीं करना चाहिए।
- दीया जलाने से पहले उसे साफ जरूर कर लें।
