मां लक्ष्मी की पूजा इस फूल के बिना है अधूरी (सो.सोशल मीडिया)
Diwali 2024: दीपावली हिन्दू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। यह रोशनी और दीपों का त्योहार है। यही कारण है कि दिवाली से पहले ही लोगों में इस त्योहार को लेकर उत्साह देखने को मिलता है। दीपावली का महापर्व हर साल कार्तिक मास के कृष्णपक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 31 अक्टूबर, गुरुवार को पूरे देश भर में मनाई जाएगी।
दिवाली का त्योहार यानी रोशनी का त्योहार, खुशियों का त्योहार. दीपावली का इंतजार हर किसी को बेसब्री से होता है। मान्यताओं के अनुसार, दीपावली का दिन बहुत शुभ होता है। इस दिन मां लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा की जाती है। लोग विधि-विधान से इनकी पूजा-आराधना करते है।
जैसा कि,आप जानते है कि लक्ष्मी पूजा के दौरान मां लक्ष्मी को चढ़ाने के लिए बहुत सारे फूल का इस्तेमाल किया जाता है। पर इस दिन बाकी फूलों से ज्यादा कमल के फूल का बहुत अधिक महत्व होता है। पर क्या आप ये जानते हैं कि लक्ष्मी पूजा पर कमल के फूल को बाकी फूलों से खास क्यों माना जाता है। आइए जानते है इस बारे में-
पुराणों के अनुसार, मां लक्ष्मी का एक नाम कमला या कमलासना भी है, जिसका मतलब है कमल के ऊपर विराजमान होने वाली। कमल की खुबी मानी जाती है कि वह कीचड़ में खिलने के बाद भी वह कीचड़ में लिप्त नहीं होता है। इसलिए माना जाता है कि जो भी लक्ष्मी पूजा के दिन मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करता है, वह भी संसार की बुराईयों में लिप्त नहीं होता।
मान्यता यह भी है कि, अगर भक्त देवी लक्ष्मी को कमल के पुष्प अर्पित करते हैं तो उन्हें पापों से मुक्ति मिल जाती है। भगवान विष्णु के हाथों में जहां शंख, चक्र, गदा दिखाई देती है, वहीं उनके हाथ में कमल का फूल भी नजर आता है।
यह देवी लक्ष्मी के साथ होने का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि अगर कमल के फूल अर्पित किए जाएं तो इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है। कमल के पुष्प पर देवी लक्ष्मी का वास है।
जो लोग अपने घरों में कमल पुष्प से पूजा करते हैं, उनके घर में देवी लक्ष्मी का वास रहता है और घर धन, अन्न से भरा रहता है।