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Skanda Shashthi 2026: जून में कब है स्कंद षष्ठी व्रत? निःसंतान दंपतियों के लिए माना जाता है बेहद फलदायी

Skanda Shashthi 2026 Importance: स्कंद षष्ठी व्रत भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। यह व्रत विशेष रूप से संतान सुख की कामना करने वाले निःसंतान दंपतियों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Jun 15, 2026 | 09:47 PM

भगवान कार्तिकेय (सौ.AI)

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Skanda Shashthi Puja Vidhi And Date: 19 जून 2026, शुक्रवार को स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जा रहा है। यह व्रत शिव -गौरी के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिकेय भगवान को समर्पित है। जो हर महीने शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन रखा जाता है। इस दिन भक्त भगवान कार्तिकेय की विशेष पूजा-अर्चना करने के साथ व्रत रखते है।

सनातन धर्म में स्कंद षष्ठी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। खासतौर पर,निःसंतान दंपतियों के लिए यह व्रत बड़ा फलदायक होता है और सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांगते है।

स्कन्द षष्ठी की तिथि और शुभ समय

षष्ठी तिथि प्रारंभ: 19 जून 2026, शाम 5:00 बजे
षष्ठी तिथि समाप्त: 20 जून 2026, दोपहर 3:47 बजे
उदया तिथि के अनुसार स्कन्द षष्ठी व्रत: 20 जून 2026, शुक्रवार

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कैसे करें स्कंद षष्ठी की पूजा?

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्कंद षष्ठी व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. फिर साप कपड़े पहनें।
  • इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • पूजास्थल पर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या तस्वीर रखें।
  • भगवान कार्तिकेय को रोली, चंदन, अक्षत, फल, फूल और हल्दी चढ़ाएं।
  • इसके बाद धूप, दीप और अगरबत्ती जलाएं।
  • फिर उन्हें मिठाई और फलों का भोग लगाएं।
  • स्कन्द षष्ठी व्रत कथा का पाठ करें।
  • भगवान कार्तिकेय के मंत्रों का जाप करें।
  • अंत में दीपक या कपूर से आरती कर पूजा पूरी करें।

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स्कन्द षष्ठी का धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में स्कन्द षष्ठी का बड़ा धार्मिक महत्व है। इसी शुभ अवसर पर भगवान कार्तिकेय ने अत्याचारी राक्षस तारकासुर का वध कर देवताओं को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई थी। इसलिए भगवान कार्तिकेय को देवसेनापति और युद्ध के देवता के रूप में भी पूजा जाता है।

शास्त्रों में यह पर्व जीवन में बुराई पर अच्छाई की विजय तथा काम, क्रोध और लोभ जैसे आंतरिक विकारों पर नियंत्रण का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से भय दूर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति को अपने कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

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Published On: Jun 15, 2026 | 09:47 PM

Topics:  

  • Religion News
  • Sanatana Dharma
  • Skanda Shashti

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