चैत्र नवरात्रि की पूजा में गलती से भी इन 5 में से कोई भी फल न चढ़ाएं! वरना निष्फल जाएगी पूजा

Chaitra Navratri Bhog Mistakes:चैत्र नवरात्रि में पूजा करते समय कुछ विशेष फलों को अर्पित करना वर्जित माना जाता है। अगर इन 5 फलों में से कोई भी गलती से चढ़ा दिया जाए तो पूजा निष्फल हो सकती है।
Navratri Bhog Preparation Rules
दुर्गा माता (सौ. Gemini)
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Navratri Bhog Preparation Rules: शक्ति और आराधना का महापर्व चैत्र नवरात्रि इस वर्ष 2026, 19 मार्च से शुरु होने जा रही है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व शक्ति और साधना का अनुपम संगम है। वर्ष में नवरात्रि का पर्व चार बार आता है, जिनमें चैत्र मास की नवरात्रि विशेष आध्यात्मिक महत्व रखती है। नवरात्रि में माता रानी के नौ रूपों की पूजा की जाती है।

दुर्गा माता के प्रत्येक स्वरूप को भोग भी लगाया जाता है। भोग के रूप में अन्न के साथ ही फल भी चढ़ाए जाते हैं। हालांकि भोग सामग्री से जुड़े नियमों का पालन भी आपको करना चाहिए। कुछ ऐसे फल और अन्न भी हैं जिन्हें माता रानी को गलती से भी नवरात्रि के दौरान आपको अर्पित नहीं करना चाहिए।

माता रानी को कौन से फल नहीं चढ़ाने चाहिए?

  • अंजीर न चढ़ाएं

शास्त्रों के अनुसार, चैत्र नवरात्रि के दौरान देवी माता को अंजीर कभी नहीं अर्पित करना चाहिए। अंजीर को तामसिक फल माना गया है। इस कारण इसे माता को अर्पित नहीं किया जाता है।

  • बासी और कटे हुए फल न चढ़ाएं

कहा जाता है कि, देवी माता को बासी और कटे हुए फल भी नहीं चढ़ाए चाहिए। देवी-देवता को हमेशा ताजे हुए फल ही चढ़ाने चाहिए।

  • नींबू न चढ़ाएं

नींबू का उपयोग मुख्य रूप से तांत्रिक पूजा में होता है। इस कारण यह दुर्गा माता की सात्विक पूजा में अर्पित नहीं किया जाता है।

  • सूखा नारियल न चढ़ाएं

चैत्र नवरात्रि के दौरान देवी माता को पानी वाला नारियल चढ़ाना शुभ माना जाता है, लेकिन सूखा नारियल देवी माता को अर्पित नहीं करना चाहिए।

  • करौंदा न चढ़ाएं

देवी माता को करौंदा भी नहीं चढ़ाना चाहिए। यह अत्यधिक खट्टा फल होता है। इस कारण इसको माता को कभी भी अर्पित नहीं करना चाहिए।

मां दुर्गा को कौन से फल चढ़ाने चाहिए?

अनार: सुख, समृद्धि और आरोग्य प्रदान करता है।

केला : संतान सुख और पारिवारिक खुशहाली के लिए चढ़ाया जाता है।

नारियल : माता को नारियल का भोग लगाना बहुत ही शुभ है, इसे श्रीफल भी कहते हैं।

सेब : स्वास्थ्य और सौंदर्य के प्रतीक के रूप में अर्पित किया जाता है।

आम : विद्या और वैभव की प्राप्ति के लिए।

आंवला : यह माता को अत्यधिक प्रिय फल है, जो पवित्रता का प्रतीक है।