सरस्वती पूजा में क्या-क्या चढ़ता है? भोग जानकर चौंक जाएंगे आप

Saraswati Puja Special Bhog: सरस्वती पूजा में मां को विशेष भोग अर्पित किया जाता है। पीले रंग की मिठाइयों से लेकर पारंपरिक पकवान तक, इन भोगों का धार्मिक महत्व है, जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे।
Basant Panchami 2026:
मां सरस्वती
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Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी का पर्व सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस त्योहार की धूम पूरे देशभर में देखने को मिलती है।

धार्मिक एवं लोक मान्यता के अनुसार, इस दिन मां सरस्वती का पूजन किया जाता है जिन्हें ज्ञान, बुद्धि, सफलता, स्वर, वाणी और संगीत की देवी कहा जाता है। इस दिन घरों में ही नहीं, बल्कि स्कूल, कॉलेज व कार्यालयों में भी मां सरस्वती की पूजा -अर्चना की जाती है और उन्हें अलग-अलग प्रकार का भोग भी लगाया जाता है।

बसंत पंचमी के शुभ मौके पर मां सरस्वती को विशेष प्रकार का भोग चढ़ाया जाता है? आइए जानते हैं उत्तर से लेकर दक्षिण तक के कुछ बड़े मंदिरों में चढ़ने वाले विशेष भोग के बारे में.

  कॉपी, पेन का भोग

जानकारी के अनुसार, राजस्थान के बसंतगढ़ में मां सरस्वती को समर्पित विशेष मंदिर सरस्वती उद्गम मंदिर स्थित है, जहां बसंत पंचमी के दिन मंदिर में लाखों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता मां को लगने वाला भोग भी है। मंदिर में मां को भोग स्वरूप मिष्ठान के अलावा, कॉपी और पैन भी चढ़ाते हैं। भक्त विशेष रूप से मां को कॉपी और पेन भेंट करते हैं।

‘बसंत काकेरा’ का भोग

ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर में बसंत पंचमी का त्योहार अनोखे तरीके से मनाया जाता है। बसंत पंचमी के दिन मंदिर में मां सरस्वती और प्रभु जगन्नाथ को ‘बसंत काकेरा’ का भोग लगता है। प्रसाद को प्रभु जगन्नाथ के अलावा, ‘दक्षिण घर’ में चढ़ाया जाता है, जहां मां लक्ष्मी और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं मौजूद हैं। बसंत काकेरा गेहूं और चावल के आटे से बना मीठा भोग होता है।

हलवा-पूरी और केसरिया खीर का भोग

मध्य प्रदेश के मैहर में स्थित 51 शक्तिपीठों में से शारदा देवी मंदिर में बसंत पंचमी की रौनक अलग ही देखने को मिलती है। बसंत पंचमी के दिन मंदिर में मां शारदा को हलवा-पूरी और केसरिया खीर का भोग लगाया जाता है और मां को पीले वस्त्र भी पहनाए जाते है।

पीले मीठे चावल का भोग

तेलंगाना की बात करें तो यहां के बसरा में स्थित ज्ञान सरस्वती मंदिर स्थित है और यहां बसंत पंचमी का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस मंदिर में बसंत पंचमी के दिन अनुष्ठान और ‘अक्षराभ्यासम’ का आयोजन होता है और मां सरस्वती को भोग के रूप में पीले मीठे चावल और पीली बुंदी के लड्डू चढ़ाए जाते है।

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