

Sakat Chauth 2026: रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश को समर्पित 'सकट चौथ' का पावन व्रत इस साल 6 जनवरी मंगलवार को पड़ रही है। यह व्रत प्रथम पूजनीय विध्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है, जो संतान सुख के लिए रखा जाता है। खास बात ये है कि इस बार तीन शुभ संयोगों के साथ सकट का महापर्व मनाया जाएगा। इन योगों में पूजा-अर्चना करने से लोगों को विशेष फल की प्राप्ति होगी।
सनातन परंपरा में इस पावन व्रत का पुण्यफल पाने के लिए कुछ नियम बताए गए हैं। सभी विघ्न और बाधाओं को दूर करके शुभ-लाभ बढ़ाने वाले भगवान श्री गणेश और सकट माता को प्रसन्न करने के लिए सकट चौथ व्रत में क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए, आइए इसे विस्तार से जानते हैं
मान्यताओं के अनुसार सफेद वस्त्र, सफेद आसन या सफेद चंदन का प्रयोग सकट चौथ की पूजा में वर्जित है। पूजा में हमेशा लाल या पीले रंग का उपयोग करना चाहिए, अन्यथा पुण्य के स्थान पर दोष लग सकता है।
सनातन परंपरा के अनुसार सकट चौथ का व्रत सभी विघ्नों को दूर करने वाला माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं और शुभ-लाभ की प्राप्ति होती है। महिलाएं विशेष रूप से यह व्रत संतान के मंगलमय भविष्य की कामना से रखती हैं।