मरते वक्त कितने साल के थे रावण? जानिए उसकी असली उम्र का चौंकाने वाला रहस्य
Ravana Age: रामायण की कथा हम बचपन से सुनते आए हैं, लेकिन एक सवाल आज भी लोगों के मन में कौतूहल पैदा करता है आखिर रावण की मृत्यु के समय उसकी आयु कितनी थी? क्या वह सच में हजारों वर्षों तक जीवित रहा था?
- Written By: सिमरन सिंह
Ravana (Source. Pinterest)
Ravana Age At Ramayan War: रामायण की कथा हम बचपन से सुनते आए हैं, लेकिन एक सवाल आज भी लोगों के मन में कौतूहल पैदा करता है आखिर रावण की मृत्यु के समय उसकी आयु कितनी थी? क्या वह सच में हजारों वर्षों तक जीवित रहा था? आइए जानते हैं इस रहस्य से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं।
त्रेतायुग में हुआ था रावण का जन्म
रामायण के अनुसार रावण का जन्म त्रेतायुग के अंतिम चरण के आरंभ में हुआ था। वह केवल लंका का राजा ही नहीं, बल्कि महान विद्वान, शिवभक्त और तपस्वी भी था। अपने भाइयों कुंभकर्ण और विभीषण के साथ उसने ब्रह्माजी की कठोर तपस्या की थी। कहा जाता है कि रावण ने 10 हजार वर्षों तक तपस्या की। हर एक हजार साल में उसने अपने एक शीश की आहुति दी। जब वह दसवां शीश अर्पित करने वाला था, तभी ब्रह्माजी प्रकट हुए और प्रसन्न होकर वरदान देने को तैयार हुए।
ब्रह्माजी से मिला अद्भुत वरदान
रावण ने ब्रह्माजी से वरदान मांगा कि देवता, दानव, राक्षस, नाग, गंधर्व, किन्नर और यक्ष कोई भी उसका वध न कर सके। ब्रह्माजी ने यह वरदान दे दिया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि नर और वानर से उसे खतरा हो सकता है। रावण ने मनुष्य और वानर को तुच्छ समझते हुए इस बात को गंभीरता से नहीं लिया।
सम्बंधित ख़बरें
Evening Vastu Tips: शाम की 3 आदतें अपनाएं, मां लक्ष्मी की कृपा से घर में आएगी खुशहाली और होंगी धन वृद्धि!
Havan Pooja Importance: पूजा के समय ये गलती पड़ सकती है भारी! बीच में उठने से भंग होती है सुख-शांति
Lizard Falling On Body: किन जगहों पर छिपकली गिरना माना जाता है शुभ? धन लाभ के लिए करें ये उपाय
Mulank 6 Career: 6, 15 और 24 तारीख़ को जन्में लोगों की क्या होती हैं खूबियां? जानिए क्या बोलता है न्यूमरोलॉजी
भगवान शिव से अमरता का आशीर्वाद
रावण ने केवल ब्रह्माजी ही नहीं, बल्कि भगवान शिव की भी एक हजार वर्षों तक कठोर स्तुति की। उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर शिव ने उसे अमरता का वरदान दिया, लेकिन शर्त रखी कि यदि वह माता सीता का अपहरण करेगा तो उसकी मृत्यु निश्चित होगी।
ये भी पढ़े: रामायण का सबसे बड़ा रहस्य, एक पुरुष कैसे बना दो महाबलियों की मां?
कितने वर्षों तक किया शासन?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार रावण ने लगभग 10 हजार वर्षों तक लंका पर शासन किया। जब भगवान राम के साथ उसका युद्ध हुआ और अंततः उसका वध हुआ, तब उसकी आयु लगभग 40 हजार वर्ष बताई जाती है। हालांकि कुछ विद्वानों का मत है कि उसकी आयु 10 हजार वर्ष से अधिक थी, क्योंकि ब्रह्माजी के वरदान के कारण वह दीर्घायु हुआ।
अंतिम निष्कर्ष क्या है?
रावण की सटीक आयु के बारे में कोई प्रमाणिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। फिर भी अधिकांश मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के समय उसकी आयु लगभग 40 हजार वर्ष मानी जाती है। रावण की कथा हमें यह भी सिखाती है कि चाहे शक्ति और वरदान कितने भी बड़े क्यों न हों, अहंकार अंततः विनाश का कारण बनता है।
