

Grah Gochar 2 August To 8 August 2026: 2 अगस्त से 8 अगस्त 2026 का सप्ताह ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दौरान तीन प्रमुख ग्रह-मंगल, सूर्य और बुध अपनी स्थिति में परिवर्तन करेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन ग्रह परिवर्तनों का प्रभाव ऊर्जा, व्यापार, संचार, निर्णय क्षमता, मौसम और आर्थिक गतिविधियों पर देखने को मिल सकता है।
सप्ताह के दौरान 2 अगस्त को रात 09:05 बजे मंगल वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। 3 अगस्त को रात 11:43 बजे सूर्य पुष्य नक्षत्र से निकलकर अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 5 अगस्त को रात 07:06 बजे बुध मिथुन राशि से कर्क राशि में गोचर करेंगे। वहीं अन्य प्रमुख ग्रहों की स्थिति स्थिर रहेगी। गुरु कर्क राशि में, शुक्र कन्या राशि में, वक्री शनि मीन राशि में, राहु कुंभ राशि में तथा केतु सिंह राशि में संचरण करते रहेंगे।
मंगल के मिथुन राशि में प्रवेश को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और कार्यक्षमता से जुड़े मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में नए कार्यों की शुरुआत, योजनाओं पर तेजी से काम और निर्णय लेने की क्षमता में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि जल्दबाजी से बचकर रणनीति के साथ आगे बढ़ना अधिक लाभकारी रहेगा।
3 अगस्त को सूर्य के अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश के दौरान संज्ञा स्त्री-पुरुष, चंद्र-चंद्र तथा वाहन नाग रहेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस योग के कारण अच्छी वर्षा के संकेत बन रहे हैं। मौसम में बदलाव के साथ कृषि और प्राकृतिक गतिविधियों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
5 अगस्त को बुध के कर्क राशि में प्रवेश के बाद बुद्धि, संवाद, व्यापार, शिक्षा और निर्णय क्षमता से जुड़े क्षेत्रों में बदलाव के संकेत हैं। व्यापारियों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए सोच-समझकर निर्णय लेना अधिक लाभदायक रहेगा। पारिवारिक चर्चाओं और वित्तीय मामलों में भी संतुलित दृष्टिकोण अपनाना उचित रहेगा।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार सप्ताह के दौरान ग्रहों के इन परिवर्तनों का असर शेयर बाजार और कमोडिटी बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। कारोबार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है। निवेशकों को बड़े निवेश से पहले बाजार की चाल पर नजर रखने और सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार 2 से 8 अगस्त के बीच किसी भी बड़े आर्थिक निर्णय में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। व्यापार, निवेश और पारिवारिक मामलों में धैर्य और विवेक के साथ निर्णय लें। स्वास्थ्य और यात्रा से जुड़े मामलों में भी सावधानी बरतना लाभदायक रहेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है।
2 अगस्त (रविवार): गजानन संकष्टी चतुर्थी (सावन संकष्टी चतुर्थी)
3 अगस्त (सोमवार): पहला सावन सोमवार व्रत
4 अगस्त (मंगलवार): पहला मंगला गौरी व्रत (सावन मास का पहला मंगला गौरी)
5 अगस्त (बुधवार): सावन कालाष्टमी व्रत, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
7 अगस्त (शुक्रवार): मासिक कार्तिगाई
8 अगस्त (शनिवार): रोहिणी व्रत