Aaj Ka Panchang: कब है सप्तमी-अष्टमी, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, अमृत काल और आज का पंचांग
Today's Panchang: बुधवार के पंचांग में जानें कृष्ण पक्ष सप्तमी-अष्टमी तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, अमृत काल, नक्षत्र, योग, दिशाशूल और पूजा के लिए सबसे शुभ समय की पूरी जानकारी।
- Written By: अपूर्वा नायक
आज का पंचांग 5 अगस्त 2026 (सौ. डिजाइन फोटो)
Aaj Ka Panchang 5 August 2026: बुधवार, 5 अगस्त 2026 का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर भगवान शिव, भगवान गणेश और माता महालक्ष्मी की पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है। यदि आप आज कोई नया कार्य, यात्रा, निवेश या धार्मिक अनुष्ठान करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले शुभ और अशुभ समय की जानकारी जरूर लें।
तिथि और नक्षत्र
आज कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रात 8:42 बजे तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी। अश्विनी नक्षत्र रात 9:17 बजे तक रहेगा, जिसके बाद भरणी नक्षत्र शुरू होगा। वहीं सूर्य पूरे दिन अश्लेषा नक्षत्र में स्थित रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
आज सूर्योदय सुबह 6:03 बजे और सूर्यास्त शाम 7:02 बजे होगा। चंद्रोदय रात 11:14 बजे तथा चंद्रास्त अगले दिन दोपहर 12:56 बजे रहेगा।
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शुभ योग और शुभ मुहूर्त
आज शूल योग शाम 5:30 बजे तक रहेगा। इसके बाद गंड योग प्रारंभ होगा। शुभ कार्यों के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। वहीं अमृत काल दोपहर 2:17 बजे से 3:50 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
राहुकाल और अशुभ समय
बुधवार को राहुकाल दोपहर 12:32 बजे से 2:10 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 10:55 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक और यमगंड काल सुबह 7:40 बजे से 9:18 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए और शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
ग्रहों की स्थिति और दिशाशूल
आज सूर्य कर्क राशि में तथा चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेगा। उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। यदि यात्रा करना आवश्यक हो, तो प्रस्थान से पहले पारंपरिक ज्योतिषीय उपाय अपनाना लाभकारी माना जाता है।
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आज का धार्मिक महत्व
श्रावण मास के इस पावन दिन भगवान शिव, गणेश जी और माता महालक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करना विशेष फलदायी माना गया है। श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से सुख-समृद्धि, बाधाओं से मुक्ति और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है।
