रमजान में दुर्लभ संयोग (सौ. AI)
Ramzan 2026: रमजान का पाक महीना अपने अंतिम दौर में है और रमजान के दौरान दुनिया भर के मुसलमान भाई बहन रोज़ा रखते हैं, नमाज़ अदा करते हैं और खुदा की इबादत करते हैं। इस्लामिक धर्म गुरु के अनुसार, इस वर्ष रमजान एक दुर्लभ संयोग के कारण चर्चा में है।
जानकारों का कहना है कि अलविदा जुमा की तैयारी आमतौर पर रमजान के आखिरी शुक्रवार को ही की जाती है। लेकिन इस बार जैसे दुर्लभ संयोग बन रहा है, लोग 13 मार्च को भी अलविदा जुमा मानकर नमाज अदा कर सकते हैं।
गणनाओं के अनुसार इस साल रमजान के महीने में 5 शुक्रवार यानी जुमा पड़ने की संभावना है और इसके चलते 2 अलविदा जुमा बनने की संभावना बन रही है। ऐसा 26 साल बाद हो रहा है।
पहला जुमा: 20 फरवरी
दूसरा जुमा: 27 फरवरी
तीसरा जुमा: 6 मार्च
चौथा जुमा: 13 मार्च
पांचवां जुमा: 20 मार्च
विशेषज्ञों के अनुसार, अलविदा जुमा रमजान के आखिरी शुक्रवार को ही माना जाता है। इस बार स्थिति कुछ खास है:
यदि रमजान का महीना 29 दिनों का होगा और ईद का चांद 29 रमजान को दिखाई देगा, तो 13 मार्च को अलविदा जुमा माना जाएगा।
यदि रमजान 30 दिनों का होगा और ईद का चांद 30 रमजान को दिखाई देगा, तो 20 मार्च को अलविदा जुमा होगा।
रमजान का पहला रोजा 19 फरवरी से शुरू हुआ था। अगर 30 रोजे पूरे होते हैं, तो ईद 21 मार्च को होगी। वहीं, यदि चांद 29 रमजान को दिखाई देता है, तो ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी। अंतिम फैसला हमेशा चांद दिखने के बाद किया जाएगा।
जानकारों का कहना है कि अलविदा जुमा की तैयारी आमतौर पर रमजान के आखिरी शुक्रवार को ही की जाती है। लेकिन इस बार जैसे दुर्लभ संयोग बन रहा है, लोग 13 मार्च को भी अलविदा जुमा मानकर नमाज अदा कर सकते हैं।
इस बार रमजान में 5 जुमा और 2 अलविदा जुमा होने की संभावना बन रही है। मुसलमान अपने पाक महीने की इबादत और अलविदा जुमा की नमाज में विशेष तैयारी कर रहे हैं। ईद-उल-फितर की तारीख और अलविदा जुमा का अंतिम फैसला चांद दिखने के बाद ही तय होगा।
रमजान महीने का आखिरी दिन, जुमात-उल-विदा , मुस्लिम समुदाय द्वारा सामाजिक रूप से मनाया जाता है। रमज़ान आमतौर पर इस्लामी पंचांग के नौवें महीने में पड़ता है। रमज़ान शब्द अरबी शब्द ‘ अल रमज़ ‘ से आया है, जिसका अर्थ है झुलसाना।
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रमज़ान मुसलमानों के लिए एक पवित्र महीना माना जाता है और इस महीने में रोज़ा रखने वालों के दिलों को झुलसा देता है। जुमा-उल-विदा पवित्र कुरान की शुभकामनाओं का प्रतीक है।
यह त्योहार रमज़ान के आखिरी शुक्रवार को मनाया जाता है और इसे विश्व स्तर पर इस्लामी समुदाय द्वारा मनाया जाता है। जुमा-उल-विदा शब्द दो शब्दों ‘जुमा’ और ‘विदा’ से मिलकर बना है। जुमा का अर्थ है सभा और विदा का अर्थ है विदाई।