आज आयुष्मान और सर्वार्थ सिद्धि योग में मनेगी रंगभरी एकादशी, इस मुहूर्त में करें पूजा, हर मनोकामना होगी पूरी!
Rangbhari Ekadashi Vrat: आज रंगभरी एकादशी 2026 आयुष्मान और सर्वार्थ सिद्धि योग में है। इस शुभ मुहूर्त में पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है। जानें व्रत विधि, मुहूर्त और पूजा के आसान उपाय।
- Written By: सीमा कुमारी
रंगभरी एकादशी (सौ.सोशल मीडिया)
Rangbhari Ekadashi 2026:पूरे देश में आज 27 फरवरी 2026 को रंगभरी और आमलकी एकादशी का मनाई जा रही है। हिन्दू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व है। यह व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा के लिए समर्पित है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, इस व्रत को विधि–पूर्वक करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
एकादशी पर आयुष्मान और सर्वार्थ सिद्धि योग
ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन बेहद खास है, क्योंकि आज आर्द्रा नक्षत्र के साथ आयुष्मान और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। जिसके कारण इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है।
यह साल की एकमात्र ऐसी एकादशी है जिसमें भगवान विष्णु के साथ-साथ महादेव की भी विशेष कृपा बरसती है। मान्यता है कि आज ही के दिन बाबा विश्वनाथ माता पार्वती का गौना कराकर पहली बार काशी आए थे।
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आज के शुभ मुहूर्त
आज आयुष्मान और सर्वार्थ सिद्धि योग में पूजा करना सर्वोत्तम रहेगा:
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 से 12:57 बजे तक रहेगा।
विजय मुहूर्त दोपहर 02:29 से 03:15 बजे तक रहेगा।
सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 10:48 से शुरू (पूरी रात तक) होगा। एकादशी व्रत पारण कै समय 28 फरवरी सुबह 06:47 से 09:06 बजे तक रहेगा।
आमलकी एकादशी के दिन जरूर करें ये 3 महाउपाय
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आर्थिक तंगी दूर करने के लिए
ज्योतिषयों के अनुसार, आज भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को आंवला अर्पित करें। शाम के समय आंवले के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाएं। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। इससे रुका हुआ धन वापस आता है।
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रोग और नकारात्मकता से मुक्ति
अगर आप अक्सर बीमार रहते हैं, तो आज नहाने के पानी में आंवले का रस या एक चुटकी आंवला चूर्ण मिलाकर स्नान करें। मान्यता है कि इससे शरीर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और स्वास्थ्य में सुधार आता है।
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वैवाहिक जीवन के लिए
आज शिव मंदिर जाकर भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग और लाल गुलाल चढ़ाएं। माता पार्वती को श्रृंगार की वस्तुएं भेंट करें। ऐसा करने से रिश्तों की कड़वाहट दूर होती है और प्रेम बढ़ता है।
