मई के अंतिम सप्ताह में है ‘रंभा तीज’, रोगों से मुक्ति और संतानप्राप्ति के लिए करें विधिवत पूजा, योग्य वर के भी बनेंगे शुभ योग
सौंदर्य और सौभाग्य का प्रतीक रंभा तीज का व्रत हर साल ज्येष्ठ माह में रखा जाता हैं। इस बार यह 29 मई 2025, गुरुवार को रखा जाएगा। यह व्रत सुहागिन महिलाओं और कुवांरी कन्याओं के लिए विशेष रूप से फलदायी होता हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
रंभा तीज (सौ.सोशल मीडिया)
Rambha teej vrat 2025 : रंभा तीज हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार हैं। यह त्योहार हर साल जेठ महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती हैं। इस बार यह व्रत 29 मई 2025, गुरुवार को रखा जाएगा।
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन अप्सरा रंभा के विभिन्न नामों की पूजा करने से व्रती को सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर व्रत का संकल्प लेकर भगवान शिव, माता पार्वती और लक्ष्मी जी की पूजा करती है।
इस दिन रंभा अप्सरा को याद किया जाता है। रंभा तीज का व्रत मुख्य रूप से पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता हैं।
सम्बंधित ख़बरें
कहीं आपके शरीर में भी तो नहीं है प्रोटीन की कमी? ये 5 लक्षण बताते हैं बड़ा खतरा, जानिए बचाव का तरीका
Jatamansi For Hair: महादेव की प्रिय जड़ी जटामांसी का कमाल! झड़ते, सफेद बालों पर ऐसे करती है चमत्कार
Sawan 2026: सावन में भूलकर भी न छोड़ें मुख्य द्वार से जुड़ा ये उपाय, कहते हैं यहीं से आती है सुख-समृद्धि
Ekadashi 2026: कामिका एकादशी पर 5 चीजों का दान बदल सकता है आपकी किस्मत, श्रीहरि की कृपा से भर जाएगा घर
वहीं, कुंआरी लड़कियां इसे योग्य वर की प्राप्ति की कामना के लिए रखती हैं। यह व्रत विवाहित महिलाएं पारंपरिक रिति-रिवाज का पालन करते हुए करती हैं। माना जाता है इस दिन श्रद्धा और भक्ति भाव से पूजा करने से सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल रंभा तीज कब है और इसकी पूजा विधि क्या है।
कब है रंभा तीज
आपको बता दें, इस साल रंभा तीज व्रत 29 मई 2025, गुरुवार को रखा जाएगा। रंभा तीज के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। इसके बाद लाल, गुलाबी या हरे रंग के कपड़े पहनें, श्रृंगार करें और फिर विधि विधान से पूजा करें।
कैसे करें रंभा तीज पूजा
ज्योतिषयों के अनुसार, रंभा तृतीया के दिन व्रती स्नान कर सूर्य को जल चढ़ाएं। इसके बाद शुद्ध स्वच्छ नवीन वस्त्र धारण करें और पूजा स्थान पर पूर्व दिशा में मुखकर बैठ जाएं। रंभा की मूर्ति या फोटो रखें। फिर गणेशजी का ध्यान करें। इसके बाद गाय के घी का दीपक जलाएं और पूजा में गेहूं, लाल फूल और मौसमी फल रखें।
धर्म की खबरें जानने के लिए क्लिक करें…
फिर पूजा में 24 काली चूड़ियां, पायल, आलता, इत्र, सौंदर्य के अन्य सामान से पूजा करें। इसके बाद रंभा के मंत्र रं रं रंभा रं रं देवी का जाप करें। एक माला स्फटिक की माला से जाप करें। स्वयं भी परफ्यूम या इत्र अवश्य लगाएं।
क्या है रंभा तीज की महिमा
हिन्दू धर्म में रंभा तीज का बड़ा महत्व हैं। मान्यता है कि रंभा तीज की पूजा-अर्चना करने से बीमारियों से छुटकारा मिलता हैं। साथ ही पूजा करने से संतान प्राप्ति, सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती हैं। यह व्रत करने से महिलाओं को आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान मिलती है
