

Raksha Bandhan Muhurat 2026: रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधना सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम और रक्षा के संकल्प को निभाने की रीत है। इस दिन राखी बांधने से पहले शुभ समय, भद्रा और पूजा के शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना अनिवार्य है।
राखी बांधते समय भाई का मुख की दिशा, पूजा की थाली में कौन-कौन सी चीजें रखनी चाहिए और किन समय में राखी बांधने से बचना चाहिए? अगर आप भी इस रक्षाबंधन इन परंपराओं का पालन करना चाहते हैं, तो इन 5 बातों को जरूर जान लें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राखी बंधवाते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। पूर्व और उत्तर की ओर मुख करके सभी प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान किया जाना चाहिए।
वहीं, कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में भाई का मुख दक्षिण दिशा की ओर रखने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि दक्षिण दिशा को यम और पितरों की दिशा माना जाता है।
रक्षाबंधन पर भद्रा का समय जरूर देखना चाहिए। पंचांग की गणना के अनुसार 28 अगस्त को राखी के दिन भद्रा का प्रभाव नहीं बताया गया है। कुछ रिपोर्ट के अनुसार भद्रा 27 अगस्त को ही समाप्त हो गई। इसलिए इस साल राखी बांधने के दौरान भद्रा का प्रभाव नहीं है।
पंचांग की गणना के अनुसार 28 अगस्त की सुबह पूर्णिमा तिथि समाप्त होने का समय करीब 9:49 बजे के बीच रहा। एक रिपोर्ट में राखी बांधने का शुभ समय सुबह 6:22 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाई को राखी उसकी दाहिनी कलाई पर बांधी जाती है। राखी बांधते समय बहन सिर पर दुपट्टा रखती है और भाई भी सिर पर साफ कपड़ा रखने की परंपरा का पालन कर सकता है। कुछ परंपराओं में मुख्य अनुष्ठान से पहले भगवान गणेश और परिवार के इष्ट देवी-देवताओं को राखी अर्पित करने का विधान भी बताया गया है।
रक्षाबंधन की थाली को तैयार करते समय राखी के साथ कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई, नारियल और पूजा के लिए आवश्यक अन्य सामग्री रखी जा सकती है। इसके बाद भाई का तिलक कर राखी बांधने और मिठाई खिलाने की परंपरा है। रक्षाबंधन की रस्मों का मुख्य भाव भाई-बहन के बीच प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे के साथ खड़े रहने का संकल्प है। इसलिए शुभ मुहूर्त और परंपराओं के साथ इस दिन का सबसे जरूरी हिस्सा है भाई-बहन का साथ और रिश्ते की मिठास।
आज दोपहर रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से लेकर शाम 7 बजे तक रहेगा। जिसमें बहनें अपने भाइयों को राखी बांध सकती है। राहु काल में राखी बांधने से बचना चाहिए। शास्त्रों में राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित होता है। आज राहु काल का समय सुबह 10 बजकर 54 मिनट से लेकर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।