Shankh Puja Rules: पूजा वाले घर में रखते हैं शंख, तो नियम जान लें, कहीं लेने के देने न पड़ जाएं
Shankh Puja Vidhi At Home: पूजा घर में शंख रखना शुभ माना जाता है, लेकिन इसे रखने और उपयोग करने के कुछ खास नियम होते हैं। यदि इन नियमों का पालन न किया जाए तो इसके विपरीत प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं
- Written By: सीमा कुमारी
शंख (सौ.AI )
Puja Ghar Me Shankh Rakhne Ke Niyam: हिन्दू धर्म में शंख को बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है। इसलिए हरेक पूजा-पाठ, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों में शंख का उपयोग सदियों से होता आ रहा है। शंख न केवल एक पवित्र वस्तु है, बल्कि इसे सकारात्मक ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत भी माना जाता है।
लेकिन कई लोग अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे शंख के शुभ प्रभाव कम हो जाते है। ऐसे में आइए जानते हैं शंख रखने की सही दिशा, नियम और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
Shankh Rakhne Ke Niyam शंख रखने की क्या हैं सही दिशा
सम्बंधित ख़बरें
Nirjala Ekadashi: निर्जला एकादशी पर ‘लक्ष्मी नारायण योग,’ यहां जानिए किन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत
Garden Vastu Tips: घर के गार्डन में भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना रुक सकती है सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्ज
Budhwar Upay: करियर और व्यापार में सफलता चाहते हैं? बुधवार को करना न भूलें यह महाउपाय
Asadha Month 2026: आषाढ़ माह 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार, देवशयनी एकादशी से गुरु पूर्णिमा तक पूरी लिस्ट
वास्तु एवं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में शंख रखने के लिए सही दिशा का चुनाव बहुत सावधानी से करना चाहिए। शंख को हमेशा ‘ईशान कोण’ (उत्तर-पूर्व दिशा) में रखना सबसे शुभ माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र और वास्तु नियमों के अनुसार, ईशान कोण सबसे पवित्र दिशा है क्योंकि यहां देवी-देवताओं का वास होता है। इसी दिशा में भगवान विष्णु की उपस्थिति भी मानी जाती है, इसलिए शंख को यहां रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
किस दिशा में न रखें शंख
जहां सही दिशा लाभ देती है। वहीं, गलत दिशा नुकसान का कारण बन सकती है। वास्तु के नियमों के मुताबिक, शंख को कभी भी घर या मंदिर की दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि दक्षिण दिशा (South Direction) में शंख रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का संचार बढ़ सकता है, जो परिवार की उन्नति में बाधा डालता है।
यह भी पढ़ें-Vinayak Chaturthi: आज है वैशाख विनायक चतुर्थी 2026, इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, बनेंगे सुख-समृद्धि के योग
साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान
अक्सर लोग मंदिर में शंख रख तो देते हैं, लेकिन उसकी सफाई की अनदेखी कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, शंख की पवित्रता बनाए रखने के लिए समय-समय पर इसकी सफाई अनिवार्य है। हफ्ते में कम से कम एक बार शंख को गंगाजल से साफ करना चाहिए। अगर गंगाजल उपलब्ध न हो, तो साफ ताजे पानी का उपयोग भी किया जा सकता है।
शंख रखने और बजाने के फायदे
घर में शंख की मौजूदगी मात्र से कई वास्तु दोष अपने आप समाप्त हो जाते हैं। जब भी शंख बजाया जाता है, तो इसकी ध्वनि से निकलने वाली तरंगें वातावरण से नकारात्मकता को दूर करती हैं और मन को शांति प्रदान करती हैं। नियमित रूप से शंख बजाने से माता लक्ष्मी का घर में स्थाई वास होता है और परिवार में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है।
