

Premanand Maharaj Safety Tips: राधारानी के परम भक्त और वृंदावन वाले प्रेमानंद जी महाराज को भला कौन नहीं जानता है। वे आज के समय के प्रसिद्ध संत है। यही कारण है कि उनके भजन और सत्संग में शामिल हों होने के लिए दूर-दूर से लोग आते है। आज प्रेमांनद जी महाराज की प्रसिद्धि देश सहित विदेशों तक दूर-दूर तक फैली हुई है। सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज के कई वीडियो वायरल होते रहते हैं।
इन दिनों महाराज जी का एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे सड़क दुर्घटना से बचने के लिए एक विशेष मंत्र का जाप करने की सलाह देते नजर आ रहे हैं।
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि, अगर आप कुशल मंगल रहना चाहते हैं तो कुछ नियमों को जीवन में आत्मसात (अपना) कर लीजिए। इन नियमों में एक मंत्र जो बेहद शक्तिशाली है।
महाराज जी कहते हैं कि, इस मंत्र का जाप करने से कभी भी आपका एक्सीडेंट नहीं हो सकता है। कभी आप दुर्घटना का शिकार नहीं होंगे और अगर हुए भी तो सुरक्षित बाहर निकलकर आ जाएंगे।
उन्होंने कहा कि, इस खास मंत्र का जाप दिन में केवल 11 बार सच्चे मन से करना है। चाहे बाहर जाने की कितनी ही जल्दी क्यों न हो, लेकिन बाहर कदम रखने से पहले कम से कम 11 बार मंत्र का जाप करो।
ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥
अर्थात्- हे भगवान कृष्ण, हमारे क्लेश का नाश करने वाले जिनको याद करने मात्र से ही दुखों से मुक्ति मिलती है और विघ्न बाधा का नाश हो जाा है। श्री कृष्ण वासुदेव हरि परमात्मा गोविंद के प्रति बार बार नमस्कार है।
प्रेमानंद महाराज द्वारा बताया गया यह मंत्र श्रीमद भगवद्गीता में देखने को मिलता है। जिसमें भगवान कृष्ण को परमेश्वर के रूप याद किया गया है। इस मंत्र के जाप से कृष्ण खुद उन लोगों के कष्टों को हर लेते हैं जो उनकी शरण में आकर प्रार्थना करते हैं। इस बात को हमेशा याद रखना चाहिए कष्ट को जादू की तरह पलभर में दूर नहीं होगा, लेकिन मन और मस्तिष्क शांत हो जाता है
Premanand Maharaj के मुताबिक, जो व्यक्ति रोज ठाकुर जी का चरणामृत पीकर काम पर निकलता है, उसकी कभी अकाल मृत्यु नहीं होती है। इसलिए रोच चरणामृत पीने की आदत डाल लें।
कोई कितना भी बड़ा हो या बिजी हो, उसे 24 घंटे में 20-30 मिनट ऐसे निकालना चाहिए, जब एकांत में अपने प्रभु के सामने बैठकर कीर्तन करें या नाम जप करे।
कृष्ण को जो प्रणाम करता है, उसका पुनर्जन्म नहीं होता। इसलिए 24 घंटे में कम से कम 11 बार ठाकुरजी को दंडवत प्रणाम जरूर करें।