premanand ji maharaj Source. Pinterest)
Brahmamuhurat Importance: आज के समय में स्वप्नदोष, कामवासना और मन की अशांति जैसी समस्याएं युवाओं और मिडिल क्लास परिवारों के लिए बड़ी चिंता बनती जा रही हैं। ऐसे में Shri Premanand Ji Maharaj द्वारा बताए गए आध्यात्मिक उपाय एक नई दिशा दिखाते हैं। वे कहते हैं अगर इंसान अपने बीते हुए पापों से पछताकर आज से सही रास्ता चुन ले और नाम जाप के साथ जीवन को सुधारने का संकल्प ले, तो भगवान सभी गलतियों को माफ कर देते हैं।
महाराज जी के अनुसार, मन को नियंत्रित करना ही सबसे बड़ी जीत है। काम, क्रोध और भटकाव जैसी समस्याओं को खत्म करने के लिए व्यक्ति को पांच “आध्यात्मिक औषधियां” अपनानी चाहिए।
संतों की संगति यानी संत संग इंसान के जीवन को बदल देती है। जब व्यक्ति संतों के वचनों को सुनता है, तो धीरे-धीरे उसकी रुचि सांसारिक भोगों से हटकर भगवान की ओर बढ़ने लगती है। एक बार जब आत्मा को सच्चे ज्ञान का स्वाद मिल जाता है, तो दुनिया के सुख फीके लगने लगते हैं।
सिर्फ पढ़ना ही काफी नहीं है, बल्कि गुरु के बताए मार्ग पर शास्त्रों का अध्ययन करना जरूरी है। स्वाध्याय से व्यक्ति के भीतर स्थिरता और समझ बढ़ती है, जिससे मन भटकने से बचता है।
ज्यादा खाना ताकत नहीं, बल्कि कमजोरी का कारण बनता है। कम और संतुलित भोजन से शरीर हल्का रहता है और मन भजन में लगने लगता है। अधिक भोजन आलस्य और तमोगुण को बढ़ाता है, जो ध्यान और साधना में बाधा बनता है।
सुबह 3 से 4 बजे का समय, जिसे ब्रह्ममुहूर्त कहा जाता है, साधना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इस समय उठकर नाम जाप और ध्यान करने से मन और इंद्रियों पर नियंत्रण आसान हो जाता है। महाराज जी कहते हैं कि यही समय स्वप्नदोष जैसी समस्याओं पर जीत दिला सकता है।
चाहे आप मंत्र जाप करें या सत्संग सुनें, उसे पूरी एकाग्रता के साथ करें। मन को इधर-उधर भटकने न दें, तभी साधना का सही फल मिलेगा।
महाराज जी चेतावनी देते हैं कि पाखंड और दिखावा आध्यात्मिक मार्ग के सबसे बड़े दुश्मन हैं। जो लोग केवल नाम के लिए भक्ति करते हैं या प्रसिद्धि चाहते हैं, वे कभी भी भगवान को प्राप्त नहीं कर सकते।
ये भी पढ़े: रामायण के ये रहस्य जानकर चौंक जाएंगे, क्या सच में आज भी मौजूद हैं इनके सबूत?
चाहे आप गृहस्थ हों या संन्यासी, इस दुनिया में मेहमान की तरह रहें। जो कुछ भी मिले, उसे प्रसाद मानकर स्वीकार करें और अपने मन को भगवान में स्थिर रखें।
स्वप्नदोष और मन की अशांति से मुक्ति का रास्ता कठिन नहीं, बल्कि अनुशासन और भक्ति से जुड़ा है। अगर इन पांच उपायों को अपनाया जाए, तो जीवन में स्थायी शांति और संतुलन पाया जा सकता है।