(सौजन्य सोशल मीडिया)
सनातन धर्म में भगवान शिव के रुद्राभिषेक का खास महत्व है। 22 जुलाई से शिवजी का प्रिय महीना सावन शुरू हो गया है, ऐसे में इस पवित्र माह में शिव के रुद्राभिषेक का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है। सावन माह में वैसे तो सामान्य पूजा से भी साधकों को शिवजी की कृपा प्राप्त होती है लेकिन यदि इस माह में भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया जाये तो इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है और साधक को विशेष फल और पुण्य की प्राप्ति होती है।
रुद्राभिषेक भगवान भोलेनाथ की आराधना का एक विशेष अनुष्ठान है। शिवजी का रुद्राभिषेक करने के लिये सबसे पहले शुभ दिन तय करना जरूरी होता है। ऐसे में यदि सावन सोमवार को शिवजी का रुद्राभिषेक किया जाये तो कहने ही क्या। इस दिन इस पूजा को करना बहुत शुभ माना जाता है। रुद्राभिषेक अनुष्ठान के दौरान 108 पवित्र द्रव्यों से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है।
इस बार के सावन माह में कुल पांच सोमवार आ रहे हैं जिनमें से एक सोमवार पूरा हो चुका है। ऐसे में यदि आप भी शिवजी को प्रसन्न करने के लिये विशेष पूजा करना चाहते हैं तो रुद्राभिषेक अनुष्ठान कर सकते हैं। इसके लिये बाकी बचे हुये चार सोमवार में से कोई भी सोमवार को आप यह विशेष पूजा कर सकते हैं। ये चारों ही दिन रुद्राभिषेक करने के लिए बहुत शुभ है।
सावन सोमवार में रुद्राभिषेक करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। इसके अलावा सावन माह में एक और खास दिन है जिसमें रुद्राभिषेक कर साधक शिवजी को प्रसन्न कर सकते हैं। यह दिन है 2 अगस्त को पड़ने वाली सावन माह की मासिक शिवरात्रि। शिव भक्तों के लिए यह भी एक महत्वपूर्ण दिन है और इस दिन रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव की असीम कृपा साधक को प्राप्त होती है। इसके साथ ही 9 अगस्त को नागपंचमी है और इस दिन भी रुद्राभिषेक करना शुभ माना जाता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पावन सावन माह में ऐसी कई तिथियां आ रही हैं जिनमें रुद्राभिषेक करना शुभ रहेगा। इस माह में 29 जुलाई, 2 अगस्त, 5 अगस्त, 9 अगस्त, 12 अगस्त और 19 अगस्त ऐसे दिन हैं जिनमें साधक रुद्राभिषेक कर सकते हैं। ये सभी दिन शिव पूजा के लिये काफी शुभ हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नागपंचमी के दिन रुद्राभिषेक करने से शुभफल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा शिवरात्रि में भी रुद्राभिषेक करना बेहद शुभ माना गया है और इससे साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है।
शिव आराधना के लिये सोमवार का खास महत्व है। श्रावण सोमवार का तो और भी महत्व है। इस बार के सावन माह में पड़ने वाले सभी सोमवार काफी खास हैं, क्योंकि इन सभी दिन कोई न कोई खास संयोग बन रहा है। आने वाले 29 जुलाई को दूसरे सोमवार पर वृद्धि योग का संयोग बन रहा है जो खास माना जाता है। इसके बाद 5 अगस्त को तीसरे सोमवार के दिन जय योग बन रहा है। 12 अगस्त को चौथे सोमवार के दिन एंद्र योग तथा 19 अगस्त अंतिम सोमवार को सौभाग्य योग व सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इस दिन रक्षाबंधन भी है। ये सभी योग बहुत शुभ हैं। सावन माह की समाप्ति पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बहुत अच्छा माना गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शिवजी की पूजा का विशेष अनुष्ठान रुद्राभिषेक करने से साधक के सभी पाप नष्ट हो जात हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस पूजा से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। चाहे आप पारिवारिक परेशानियों से घिरे हों या वैवाहिक परेशानियों से परेशान हों, या फिर आजीविका और आर्थिक संकटों का सामना कर रहें हो, या रोग आदि से परेशान हों, रुद्राभिषेक करने से आपकी सभी परेशानियां शिवजी दूर कर देते हैं। रुद्राभिषेक करने से ग्रहों के दुष्प्रभाव भी दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि व खुशहाली आती है। इस पूजा से राहु-केतु और शनि जैसे ग्रह भी शांत होते हैं और जातक को जीवन में चली आ रही परेशानियों से निजात मिलती है।