

Ekadashi Vrat Nahi Rakh Pa Rahe:आज 22 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी व्रत रखा जा रहा है। विष्णु पुराण में परिवर्तिनी एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। दरअसल, परिवर्तिनी एकादशी के दिन योगनिद्रा में सोए भगवान विष्णु करवट लेते हैं। इसलिए इसका नाम परिवर्तिनी है। मान्यता है कि इस दिन व्रत, पूजा-पाठ और भगवान विष्णु का स्मरण करने से श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है। भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार एकादशी का व्रत रखते है।
लेकिन अगर आप किसी कारणवश परिवर्तिनी एकादशी का व्रत नहीं रख पा रहे हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है तो कुछ उपायों और भगवान विष्णु की आराधना करके भी इस दिन पुण्य प्राप्त कर सकते है।
धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, अगर कोई भक्त एकादशी का व्रत नहीं रख पा रहा है, तो उसे निराश होने की जरूरत नहीं है।
बिना व्रत के भी भगवान विष्णु की श्रद्धापूर्वक आराधना की जा सकती है। कहा जाता है कि, इस दिन अपनी श्रद्धा के अनुसार कुछ धार्मिक नियमों का पालन करके श्रीहरि की कृपा प्राप्त की जा सकती है। ऐसे में नीचे दिए गए उपायों को अपना सकते है।
अगर किसी वजह से आप व्रत नहीं रख पा रहे हैं, तो श्रीहरि भगवान विष्णु की पूजा करके भी इस दिन पुण्य प्राप्त कर सकते है। इसके लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। साफ कपड़े पहनकर भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने दीया जलाएं और उनकी पूजा करें।
इस दिन भगवान विष्णु को उनके प्रिय चीजें अर्पित करके भी उनकी पूजा की जा सकती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है। इस दिन श्री हरि भगवान विष्णु को पीले फूल, पीले वस्त्र, चंदन और तुलसी के पत्ते अर्पित करें।
ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़े नहीं जाते, इसलिए इन्हें एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।
श्री हरि भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए एकादशी के दिन भगवान विष्णु और तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाना न भूलें। शास्त्रों में परिवर्तिनी एकादशी पर भगवान विष्णु और तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाने से उनकी असीम कृपा होती है।
श्री हरि भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए एकादशी के दिन पीले वस्त्र, पीला चंदन, पीले फल या हल्दी का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इससे कुंडली में बृहस्पति मजबूत होता है और धन से जुड़ी समस्या दूर होती है।