नवरात्रि में देवी मां को चढ़ाएं इन तीन विशेष फलों भोग, जानिए इसकी महिमा
Shardiya Navratri: आज से मां दुर्गा की उपासना का महापर्व नवरात्रि शुरू हो गया है। माता रानी के भक्त नौ दिनों तक देवी के अलग-अलग स्वरूप की पूजा के साथ उन्हें अलग-अलग प्रकार के भोग लगाते है।
- Written By: सीमा कुमारी
माता को इन तीन फलों का जरूर लगाएं भोग (सौ.सोशल मीडिया)
Fruit offerings during Navratri: आज 22 सितंबर सोमवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत पूरे देशभर में हो गई है। यह त्योहार मां दुर्गा को समर्पित है। इस दौरान माता रानी के भक्त नौ दिनों तक देवी के अलग-अलग स्वरूप की पूजा-अर्चना करते हैं और हर दिन उन्हें अलग-अलग प्रकार भोग चढ़ाते है।
हिंदू शास्त्रों के अनुसार,माता को फल अर्पित करने से साधक के पाप नष्ट होते हैं, मनोकामनाएं पूरी होती हैं और परिवार पर सदा देवी का आशीर्वाद बना रहता है। खासकर तीन फलों का भोग अत्यंत शुभ माना गया है, जिन्हें नवरात्रि के दौरान अर्पित करने से मां दुर्गा तुरंत प्रसन्न होती है। ऐसे में आइए जानते हैं नवरात्रि के दौरान किन तीन फलों का भोग अत्यंत शुभ माना गया है।
नवरात्रि में माता को इन तीन फलों का जरूर लगाएं भोग:
नारियल का भोग
हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि में माता को प्रसन्न करने के लिए नारियल का भोग लगाना बड़ा शुभ एवं मनोवांछित फल हेतु बताया गया है। इसे शुद्धता और शक्ति का प्रतीक माना गया है। कहा जाता है कि, इसे माता को चढ़ाने से साधक के पाप कर्म कटते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
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नवरात्रि में नारियल का भोग लगाने से मां दुर्गा साधक को शक्ति और आत्मबल का वरदान देती हैं। यही कारण है कि हर धार्मिक अनुष्ठान में नारियल का विशेष स्थान होता है।
केला का भोग
नवरात्रि में माता को प्रसन्न करने के लिए नारियल के भोग के अलावा केला का भोग भी बड़ा शुभ होता है। हिन्दू धर्म में केला को सौभाग्य और स्थिरता का प्रतीक माना गया है। नवरात्रि में माता को केला अर्पित करने से घर-परिवार में स्थिरता आती है और धन-संपत्ति में वृद्धि होती है। ऐसा माना जाता है कि यह फल माता लक्ष्मी को भी प्रिय है, इसलिए इसे चढ़ाने से देवी दुर्गा के साथ-साथ लक्ष्मी जी की कृपा भी प्राप्त होती है।
अनार का भोग
माता रानी को प्रसन्न करने के लिए नारियल,केला के अलावा अनार भी बड़ा शुभ होता है। अनार माता रानी को अत्यंत प्रिय फल माना जाता है। यह फल संतान सुख, समृद्धि और आरोग्य का प्रतीक है।
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नवरात्रि में माता को अनार अर्पित करने से घर-परिवार में खुशहाली आती है और संतान की उन्नति होती है। ऐसी मान्यता है कि अनार चढ़ाने से साधक को रोगों से मुक्ति और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
