हनुमान जी(सौ.सोशल मीडिया)
Hanuman Ji Bhog: 2 अप्रैल 2026 को पूरे देशभर में हनुमान जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर भक्त हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और बजरंगबली से सुख-समृद्धि व संकटों से मुक्ति की कामना भी करते हैं।
धर्म शास्त्रों में बताया गया हैं कि, कलयुग में बजरंगबली ही ऐसे देवता हैं जो आज भी इस धरती पर साक्षात विराजमान हैं। वे अपने भक्तों की पुकार बहुत जल्दी सुनते हैं, इसीलिए उन्हें ‘संकट मोचन’ कहा जाता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए सिर्फ मंत्रों का जाप ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें उनकी पसंद की चीजों का भोग लगाना भी बहुत जरूरी है?
अगर आपके जीवन में भी परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं या बनते काम बिगड़ जाते हैं, तो इस जन्मोत्सव पर हनुमान जी को ये 5 खास चीजें जरूर चढ़ाएं-
हनुमान जी को पीला और नारंगी रंग अत्यंत प्रिय माना जाता है, इसलिए मंदिरों में उन्हें बूंदी या बेसन के लड्डू का प्रसाद चढ़ाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि बेसन के लड्डू का भोग लगाने से कुंडली में मौजूद ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और घर में सुख-समृद्धि तथा सकारात्मकता का वास होता है।
शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जी को बूंदी या बेसन के लड्डू के अलावा फलों में केला भी सबसे प्रिय है। हनुमान जन्मोत्सव पर मंदिर जाकर हनुमान जी को केले का जोड़ा चढ़ाना चाहिए। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए अच्छा है बल्कि भगवान के प्रति आपकी सादगी भरी भक्ति को भी दर्शाता है।
गुड़ और चना भी हनुमान जी का सबसे प्रिय भोग माना जाता है। बताया जाता है कि मंगल दोष से मुक्ति पाने के लिए गुड़ और भुने हुए चने का भोग लगाना अचूक उपाय है। पुराने समय से ही बंदरों को गुड़-चना खिलाने की परंपरा है, जो सीधे तौर पर हनुमान जी की सेवा मानी जाती है।
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ज्योतिषयों का कहना है कि, अगर आप किसी बहुत बड़ी समस्या में फंसे हैं और कोई रास्ता नहीं सूझ रहा, तो हनुमान जी को एक ‘मीठा पान‘ चढ़ाएं। पान में केवल गुलकंद, सौंफ और कत्था हो (तंबाकू या सुपारी न हो)। पान चढ़ाने का प्रतीकात्मक अर्थ है कि आपने अपनी समस्याओं का ‘बीड़ा’ हनुमान जी को सौंप दिया है।
हालांकि, यह कोई खाने वाली वस्तु नहीं है, लेकिन इसके बिना हनुमान जी की पूजा अधूरी मानी जाती है। चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को ‘चोला’ चढ़ाने से वे अत्यंत प्रसन्न होते हैं। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और नकारात्मक शक्तियां दूर भागती हैं।