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विघ्नहर्ता के हैं कई नाम, पर कौन-सा नाम है पहला और वास्तविक ! जानिए इससे जुड़ी पौराणिक कथा

गणेश जी के अनेक नाम हैं। भक्तगण उन्हें विघ्नहर्ता, गणपति, गजानन जैसे कई नामों से जानते हैं और इन्हीं नामों से उनका स्मरण करते हैं। लेकिन उनका वास्तविक नाम, जो उन्हें उनकी माता पार्वती ने दिया था, वह कुछ और ही है।

  • Written By: रीना पंवार
Updated On: Sep 08, 2024 | 04:47 PM

अनंत चतुर्दशी (फोटो सोर्स सोशल मीडिया)

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नवभारत डेस्क : प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी के अनेक नाम हैं। भक्तगण उन्हें विघ्नहर्ता, गणपति, गजानन, एकदंत, लंबोदर आदि कई नामों से जानते हैं और इन्हीं नामों से उनका स्मरण करते हैं। उनके हर नाम का अर्थ है और उसके कई मायने भी हैं। लेकिन उनका वास्तविक नाम जो उन्हें उनकी माता पार्वती ने दिया था वह कुछ और ही है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार मस्तक कटने से पहले भगवान गणेश का नाम विनायक था।

मां पार्वती ने गणेश जी की उत्पत्ति की थी और तब उन्हें विनायक नाम दिया था, जिसका अर्थ है नायकों का नायक। हालांकि एक घटना के बाद जब उन्हें हाथी के बच्चे का मस्तक लगा दिया गया तब उन्हें गजानन कहकर पुकारा जाने लगा।

क्यों कटा भगवान विनायक का सिर ?

गणेश जी का सिर कटने के पीछे एक पौराणिक कथा प्रचलित है। इस कथा के अनुसार एक बार बालक गणेश को द्वार पर बिठाकर माता पार्वतीजी स्नान करने चली गईं और जाने से पहले उन्हें यह भी हिदायत दी कि कोई अंदर न आने पाए। तभी शिव जी मां पार्वती को ढूंढते हुए वहां आ पहुंचे और अंदर जाने लगे। तब बालक गणेश ने माता के आदेशानुसार उन्हें ऐसा करने से रोका और अंदर नहीं जाने दिया। इस बात पर महादेव क्रोधित हो गए और गणेश जी का सिर धड़ से अलग कर दिया।

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जब मां पार्वती ने यब सब देखा तो वे अत्यंत दुखी और क्रोधित हो गईं। अपनी भूल का एहसास होने पर तब महादेव ने एक हाथी के बच्चे का सिर गणेशजी के धड़ से जोड़कर वापस उन्हें जीवित कर दिया। काट दिया। पौराणिक कथाओं के अनुसार मां पार्वती ने गणेशजी की उत्पत्ति चंदन के मिश्रण से की थी।

शनि की दृष्टि ने भस्म हुआ गणेशजी का सिर

गणेश जी के सिर कटने के पीछे एक और कथा भी प्रचलित है। इसके अनुसार जब शनि देव की कुदृष्टी बालक गणेश पर पड़ी तो उनका सिर जलकर भस्म हो गया था। तब दुखी पार्वती मां से ब्रह्मा जी से फिर से गणेश जी को जीवित करने के लिए कहा और कहा कि जिसका सिर सबसे पहले मिले उसे ही गणेश के धड़ से जोड़ दो। पहला सिर हाथी के बच्चे का ही मिला जिसे ब्रह्मा जी ने गणेश के धड़े से जोड़कर उन्हें फिर से जीवित कर दिया। तभी से गणेश गजानन भी कहलाए। बाद में जब उन्हें गणों का प्रमुख बनाया गया तो उन्हें गणेश या गणपति कहा जाने लगा।

Mythological story related to the real name of lord ganesha

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Published On: Sep 08, 2024 | 04:45 PM

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