Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

गणेश जी के बड़े पेट की कथा जान मुस्कुरा देंगे आप, जानें जीवन में लम्बोदर होने का गुण क्यों है जरूरी

गणेश जी को उनके शारीरिक गठन के कारण लम्बोदर भी कहा जाता है। पौराणिक शास्त्रों में गणेश जी के बड़े पेट होने को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं। कथाओं के अलावा इसके कई अन्य मायने भी हैं।

  • By रीना पंवार
Updated On: Sep 08, 2024 | 03:28 PM

(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

नवभारत डेस्क : प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी को मंगल करने वाला व विघ्न बाधाओं का नाश करने वाला देवता कहा जाता है। अपने अद्भुत स्वरूप के कारण वे सभी देवताओं में सबसे खास माने जाते हैं। इनकी उपासना से सभी कष्टों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है। गणेश जी का व्यक्तित्व और स्वरूप बेहद ही आकर्षक है। उनके बड़े-बड़े कान हैं, लम्बी नाक है और बड़ा उदर है। उनके इस विलक्षण स्वरूप के पीछे कई पौराणिक कथाएं हैं साथ ही इसके कई अर्थ भी हैं जिनका हमारे जीवन के लिए भी काफी महत्व है।

गणेश जी को उनके शारीरिक गठन के कारण लम्बोदर भी कहा जाता है। लंबोदर अर्थात बड़े पेट वाला। लाफिंग बुद्धा तथा धन के देवता कुबेर के अलावा गणेश जी ही एक मात्र ऐसे देवता हैं जिनका बड़ा पेट है। दरअसल बड़े पेट को समृद्धी और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक शास्त्रों में गणेश जी के बड़े पेट होने को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं। कथाओं के अलावा इसके कई अन्य मायने भी हैं। तो आइये जानते हैं इस बारे में ……

बड़े पेट के पीछे पौराणिक कथा

सम्बंधित ख़बरें

गणेशोत्सव के बाद भंडारा में ‘हडपक्या गणपति’ की धूम, धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक

Nagpur News: मस्कर्या गणपति का आगमन, बुधवार को स्थापना होगी, 238 साल पुरानी परंपरा जारी

अगले बरस तू जल्दी आ…लालबागचा राजा पहुंचे गिरगांव चौपाटी, थोड़ी देर में हाेगा विसर्जन

अमृता फडणवीस ने उठाया झाड़ू, साथ आए अक्षय कुमार! गणेश विसर्जन के बाद जुहू बीच पर चला सफाई अभियान

पौराणिक कथाओं के अनुसार जब गणेश जी छोटे बालक थे तो उन्हें सदा यह डर लगा रहता था कि कहीं उनके भाई कार्तिकेय माता का दुग्ध पान न कर लें। इस डर के कारण वे दिन भर मां पार्वती के आंचल में छुपकर दूध पीते रहते थे, ताकि कार्तिकेय दुग्धपान न कर सकें। उनके ऐसे बर्ताव से एक दिन पिता महादेव ने मजाक में उन्हें लंबोदर कह दिया। उनके इस कथन के प्रभाव से गणेश जी लंबोदर हो गए। तभी से उन्हें लम्बोदर कहा जाने लगा। एक अन्य कथा के अनुसार पिता और माता से मिले वेद, संगीत, नृत्य व कलाओं के ज्ञान को अपनाने के कारण गणेश जी का उदर इन विद्याओं के भण्डारण से लंबा हो गया। इस कारण से भी वे लम्बोदर कहलाने लगे।

यह भी पढ़ें-गणेशोत्सव के दौरान जरूर करें इस आसान व चमत्कारी स्तोत्र का पाठ, राहु-केतु की पीड़ा से भी दिलाएगा मुक्ति

लम्बोदर होने का यह भी है अर्थ

भगवान गणेश जी के बड़े पेट होने का एक कारण यह भी माना जाता है कि वे हर अच्छी-बुरी, कटु व अप्रिय बात को पचा लेते हैं। इस प्रकार मनुष्यों को भी लम्बोदर होने की सीख मिलती है। सभी के जीवन में सदा कुछ न कुछ अच्छा बुरा घटता रहता है। ऐसे में हमारे अंदर उसे सहजता से सहने या कहें कि पचा लेने की क्षमता होनी चाहिए। गणेश जी का लम्बा उदर हमें यही सीख देता है। लम्बोदर होने से यह सीख भी मिलती है कि अपने दोस्तों, रिश्तेदारों, घर-परिवार और आस-पड़ोस की बातों को अपने पेट में ही पचा लेना चाहिए। बातों को यहां-वहां नहीं फैलाना चाहिए। ऐसी आदत अपनाने से आप देखेंगे कि आपके जीवन की कई समस्याएं अपने आप ही खत्म होने लग जाएंगी। लोगों का भरोसा आपमें बढ़ने लगेगा। इसके अलावा गणेश जी के बड़े पेट को आनंद, खुशहाली और उदारता का प्रतीक भी माना जाता है।

Mythological story related to the big stomach of lord ganesha

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Sep 08, 2024 | 03:23 PM

Topics:  

  • Ganesh Utsav

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.