हरिद्वार का मनसा देवी मंदिर: आस्था और मन्नतों का धाम, पूरी होती है हर मनोकामना
Mansa Devi Temple: उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित मां मनसा देवी के दर्शन से जीवन की तमाम परेशानियां दूर हो जाती हैं। मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है।
- Written By: दीपिका पाल
उत्तराखंड में स्थित है मनसा देवी मंदिर (सौ. सोशल मीडिया)
Mansa Devi Temple: उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित मनसा देवी मंदिर में भगदड़ की खबर सामने आई है जिसमें 6 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। आज हरियाली तीज और रविवार होने के नाते मंदिर में भीड़ बढ़ी हो इसलिए हादसा हो गया। यह मंदिर उत्तराखंड की खूबसूरती बयां करती है वहीं पर कहा जाता है मां मनसा देवी के दर्शन से जीवन की तमाम परेशानियां दूर हो जाती हैं। मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते है।
सावन का महीना होने की वजह से श्रद्धालुओं की भीड़ इस जगह पर लगी रहती है। जानिए क्या है इस मंदिर की खासियत और मान्यता। दर्शन करने आए तो किस तरह की सावधानियां बरतना चाहिए चलिए जानते है इसके बारे में…
जानिए कौन है माता मनसा देवी और मंदिर की खासियत
यहां पर धार्मिक पुराणों के अनुसार, मनसा देवी को शक्ति की देवी माना जाता है वहीं पर मान्यता है कि देवी मनसा भगवान शिव की मानस पुत्री हैं। यहां पर मनसा के अर्थ को स्पष्ट करें तो, ‘मनसा’ शब्द का अर्थ है “मन की इच्छा से उत्पन्न” यहां पर जो भी भक्त दर्शन के लिए आता है उसकी सारी मनोकामना पूरी होती है। बताते चलें कि, माता का यह मंदिर, उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार शहर में शिवालिक पहाड़ियों की एक चोटी पर स्थित है। यह जगह हर की पौड़ी से कुछ ही दूरी पर है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए रोपवे (जिसे स्थानीय भाषा में उड़न खटोला भी कहते हैं) और पैदल रास्ता दोनों मौजूद हैं।
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हरिद्वार में स्थित इस मंदिर की खूबसूरती देखने लायक है। इस मंदिर का निर्माण 1811-1815 के बीच ग्वालियर के मराठा शासकों द्वारा करवाया गया था. यह मंदिर सप्तपिठों में से एक है यानी मां दुर्गा के सात शक्तिपीठों में से एक माना गया है।यहां देवी को विशेष रूप से नागों की देवी के रूप में पूजा जाता है, जो कि भक्तों को सर्पदोष से मुक्ति दिलाती हैं।
दर्शन के लिए कब खुलता है मंदिर
देवी मनसा देवी का मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए निर्धारित समय पर खुलता है। मंदिर सुबह 5 बजे से शाम 9 बजे तक खुला रहता है। नवरात्रों, सावन महीने और कुंभ मेले के दौरान यहां विशेष भीड़ होती है।ऐसे समय में सुरक्षा व्यवस्था और समय-समय पर दर्शन के लिए स्लॉट तय किए जाते हैं। इस मंदिर की खास मान्यता है कि, भक्त माता के सामने एक धागा बांधकर मन्नत मांगते हैं. जब मन्नत पूरी हो जाती है तो लोग दोबारा यहां आकर वह धागा खोलते हैं। यहां पर त्योहारी सीजन में मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते है।
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मंदिर में दर्शन के लाभ
यहां माता रानी के दर्शन से मन को शांति और आत्मा को ऊर्जा मिलती है, लेकिन किसी भी धार्मिक स्थल पर जाने से पहले सुरक्षा और व्यवस्था का ध्यान रखना चाहिए। दर्शन के लिए हमेशा सुबह जल्दी जाएं ताकि भीड़ कम मिले. बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों के साथ भीड़भाड़ से बचें. रोपवे के विकल्प का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें. प्रशासन और मंदिर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
