-
शुक्र, 31 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Religion »
- Manimahesh Kailash Mystery Lord Shiva Mani Story
Manimahesh Kailash Mystery: आखिर क्यों मणिमहेश में मणि के रूप में दर्शन देते हैं भगवान शिव? जानें पौराणिक कथा
- Written By: रीता राय सागर
Manimahesh Yatra: हिमाचल के मणिमहेश कैलाश को भगवान शिव का दिव्य धाम माना जाता है। जानिए मणि के रूप में दर्शन देने की पौराणिक कथा, मणिमहेश यात्रा का महत्व और इस रहस्यमयी स्थान से जुड़ी मान्यताएं।

मणिमहेश (फोटो.सोशल मीडिया)
Manimahesh Kailash Story: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित मणिमहेश कैलाश को भगवान शिव के पंच कैलाशों में से एक माना जाता है। इसकी यात्रा बेहद कठिन मानी जाती है। यह समुद्र तल से करीब 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और इसके पीछे स्थित है मणिमहेश झील।
18,564 फीट की ऊंचाई पर स्थित मणिमहेश कैलाश शिखर श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का केंद्र है। शिव भक्तों का मानना है कि यहां भगवान शिव स्वयं निवास करते हैं और कुछ विशेष अवसरों पर उनकी दिव्य ‘मणि’ के दर्शन आज भी हो जाते हैं।
मणिमहेश नाम के पीछे क्या है रहस्य?
‘मणिमहेश’ का अर्थ है- ‘मणि’ यानी दिव्य रत्न और ‘महेश’ यानी भगवान शिव। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव के मुकुट में एक दिव्य मणि सुशोभित है। कहते हैं कि पूर्णिमा की रात में इस मणि का प्रकाश कैलाश शिखर से निकलता है और मणिमहेश झील में प्रतिबिंबित होता है। यही कारण है कि इस स्थान का नाम मणिमहेश पड़ा।
सम्बंधित ख़बरें
Sawan Somwar: बेलपत्र तोड़ने से लेकर शिवलिंग पर चढ़ाने तक हर नियम है जरूरी! जानिए किस दिन नहीं तोड़ना चाहिए
Sawan Month: सावन में दही और कढ़ी खाना क्यों माना जाता है वर्जित? जानिए इसके धार्मिक और वैज्ञानिक कारण
Mangla Gauri Vrat 2026: 4 अगस्त को पहला मंगला गौरी व्रत, सुहागिनों के लिए बेहद खास दिन जानें शुभ योग
सावन में सिर्फ 5 मिनट करें ‘ॐ जय शिव ओंकारा’ आरती, महादेव की कृपा से सुख-समृद्धि और शांति का मिलेगा आशीर्वाद
भगवान शिव ने विवाह के बाद बनाया था यह धाम
धार्मिक ग्रंथों से मिले उल्लेखों के अनुसार, माता पार्वती से विवाह के बाद भगवान शिव ने हिमालय में इसी स्थान को अपना निवास बनाया और मणिमहेश झील की रचना की। झील के पास स्थित गौरीकुंड को माता पार्वती का स्नान स्थल और झील के मुख्य भाग में स्थित शिव करोतरी को भगवान शिव का स्ना स्थल माना जाता है और इनकी पूजा की जाती है।
मणिमहेश झील (फोटो.सोशल मीडिया)
क्यों नहीं चढ़ पाया कोई मणिमहेश कैलाश शिखर?
कहा जाता हैं कि मणिमहेश कैलाश पर्वत पर चढ़ना लगभग असंभव है। मान्यता है कि बिना भगवान शिव की अनुमति कोई भी इस पर्वत की चोटी तक नहीं पहुंच सकता। भगवान शिव से जुड़ा यह शिखर रहस्यों से भरा हुआ है।
सन् 1968 में इंडो-जापनीस की एक टीम ने मणिमहेश पर्वत पर चढ़ने की कोशिश की थी, लेकिन वे असफल रहें। इस टीम का नेतृत्व नंदिनी पटेल कर रहीं थी।
कथा के अनुसार, एक बार एक गद्दी अपने भेड़ों के झुंड के साथ मणिमहेश पर्वत पर चढ़ने का प्रयास कर रहा था और तभी उसकी भेड़ें पत्थर में परिवर्तित हो गईं। उस चरवाहे और उसकी भेड़ों के अवशेष मुख्य पर्वत के नीचे छोटी चोटियों के एक समूह के रूप में स्थित है। एक अन्य कथा के अनुसार, एक सांप ने भी इस शिखर तक पहुँचने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहा और बाद में पत्थर के रूप में बदल गया।
गौरीकुंड (फोटो.सोशल मीडिया)
तापमान
दिन के समय यहां का तापमान 12°C से 20°C के बीच और रात के समय तापमान 0°C से 6°C के बीच रहता है। नवंबर से मार्च तक मणिमहेश में भारी हिमपात होता है। पूरा इलाका बर्फ की मोटी चादर से ढक जाता है।
कब निकलती है मणिमहेश यात्रा?
हर वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से राधा अष्टमी तक मणिमहेश यात्रा आयोजित की जाती है। इस दौरान हजारों श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा कर पवित्र झील तक पहुंचते हैं और बर्फ जैसे ठंडे जल में स्नान कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस स्नान से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
Manimahesh kailash mystery lord shiva mani story
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Manimahesh Kailash Mystery: आखिर क्यों मणिमहेश में मणि के रूप में दर्शन देते हैं भगवान शिव? जानें पौराणिक कथा
Jul 31, 2026 | 07:26 AMड्रग फ्री मुंबई अभियान शुरू, PM मोदी ने CM फडणवीस को दी बधाई; स्कूलों के आसपास ड्रग्स पर सख्ती
Jul 31, 2026 | 07:23 AMएक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़! नागपुर में दर्दनाक रेल हादसा, ट्रेन की चपेट में आकर दो सगे भाइयों की मौत
Jul 31, 2026 | 07:20 AMICC Men’s Cricket World Cup 2027: 24 साल बाद अफ्रीका लौटेगा वनडे विश्व कप, 12 मेजबान शहरों का ऐलान
Jul 31, 2026 | 07:16 AMLock Upp 2 के फिनाले वीक में आमने-सामने आए 2 जानी दुश्मन, बिग बॉस 11 की दिलायी याद
Jul 31, 2026 | 07:13 AMछात्र आंदोलन के बाद कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू को थाने बुलाने पर सियासत तेज, साढ़े पांच घंटे थाने में पूछताछ
Jul 31, 2026 | 07:13 AMगाजा युद्ध खत्म करने के लिए ट्रंप की ऐतिहासिक घोषणा, हमास और इजराइल में हुआ बड़ा समझौता
Jul 31, 2026 | 07:11 AMवीडियो गैलरी

अजब मन्नत! 101 लीटर गंगाजल लेकर पैदल निकला कांवड़िया, कहा- योगी जी बनें देश के PM,देखें VIDEO
Jul 30, 2026 | 11:15 PM
8वें वेतन आयोग: सरकारी कर्मचारियों की मौज या झटका? मनजीत सिंह पटेल के इस खुलासे ने मचा दी खलबली, देखें VIDEO
Jul 30, 2026 | 10:30 PM
राज्यसभा में संजय सिंह का बड़ा हमला, पेपर लीक से लेकर सत्ता बदलने तक सरकार को दी खुली चुनौती, देखें VIDEO
Jul 30, 2026 | 09:33 PM
पाप धोने की नौटंकी या शातिर चाल? पहले भगवान से मांगी माफी, फिर नागपुर के मंदिर में डाला डाका, देखें VIDEO
Jul 30, 2026 | 09:19 PM
तीसरा विश्वयुद्ध दूर नहीं! मिडिल ईस्ट संकट और भारत पर असर को लेकर Ex Lt Gen अरुण साहनी का बड़ा खुलासा- VIDEO
Jul 30, 2026 | 04:51 PM
डॉ. हेडगेवार का वो कथित खत क्या है, जिसे संजय सिंह को सदन में नहीं पढ़ने दिया गया? RSS पर उठे सवाल- VIDEO
Jul 30, 2026 | 01:57 PM














