मंगला गौरी व्रत 2026: पूजा में भूलकर भी न छोड़ें ये खास परंपरा, माता गौरी बरसाएंगी अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद
Mangla Gauri Vrat For Married Women मंगला गौरी व्रत 2026 में पूजा के दौरान कुछ विशेष परंपराओं का पालन करना बेहद शुभ माना जाता है। जानें कौन-सी परंपरा भूलकर भी नहीं छोड़नी चाहिए।
- Written By: सीमा कुमारी
माँ मंगला देवी (सौ.AI)
Mangla Gauri Vrat 2026 Puja Rituals : 4 अगस्त 2026, मंगलवार को इस साल सावन का पहला मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा। यह व्रत माता पार्वती के मंगला गौरी स्वरूप की पूजा के लिए समर्पित हैं। इस व्रत को सुहागिन अपने पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखतीं हैं। इस व्रत में पूजा के दौरान कुछ खास चीजें माता को अर्पित करने की परंपरा है, जिन्हें सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष फलदायी माना जाता हैं।
मंगला गौरी व्रत पर सुहागिन महिलाएं करना न भूलें
धर्म शास्त्रों के अनुसार, मंगला गौरी व्रत के दिन सुहागिन महिलाओं को माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करनी चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता गौरी को 16 की संख्या में सुहाग की वस्तुएं चढ़ाना शुभ बताया गया है। इसमें चूड़ियां, सिंदूर, कुमकुम, मेहंदी, बिछिया, साड़ी और अन्य सुहाग सामग्री शामिल कर सकते हैं।
ऐसी मान्यता है कि माता को सुहाग सामग्री अर्पित करने से मां गौरी की कृपा प्राप्त होती है और पति की लंबी आयु की कामना पूरी होती हैं।
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16 की संख्या में पूरी, लड्डू या फल अर्पित करने की परंपरा हैं
पूजा के दौरान माता मंगला गौरी को 16 पूरी, 16 लड्डू या 16 फल अर्पित करने की भी परंपरा हैं। इसके साथ ही 16 पान और सुपारी भी चढ़ाई जाती हैं। इनमें से महिलाएं अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार माता को ये भोग अर्पित कर सकती हैं।
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मंगला गौरी व्रत क्यों खास माना जाता है ?
सावन का मंगला गौरी व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता हैं। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी वजह से माता पार्वती को अखंड सौभाग्य और दांपत्य सुख की देवी के रूप में भी पूजा जाता है।सावन के मंगलवार को मंगला गौरी की पूजा करने से महिलाओं को वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है।
ये है सावन में मंगला गौरी व्रत 2026 की तिथियां
पहला मंगला गौरी व्रत – 4 अगस्त 2026, मंगलवार
दूसरा मंगला गौरी व्रत – 11 अगस्त 2026, मंगलवार
तीसरा मंगला गौरी व्रत – 18 अगस्त 2026, मंगलवार
चौथा मंगला गौरी व्रत – 25 अगस्त 2026, मंगलवार
