मकर संक्रांति 2026 के दिन महिलाएं कर लें ये 5 काम, साल भर बरसेगी लक्ष्मी!
Makar Sankranti Remedies:मकर संक्रांति 2026 के पावन दिन महिलाएं यदि ये 5 विशेष कार्य कर लें, तो माता लक्ष्मी की कृपा पूरे वर्ष बनी रहती है। ये सरल उपाय धन, समृद्धि, सौभाग्य और खुशहाली लाते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
मकर संक्रांति (सौ.सोशल मीडिया)
Makar Sankranti Lakshmi Blessings: कल 14 जनवरी 2026 को साल का पहला त्योहार यानी मकर संक्रांति मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का पर्व सूर्य देव की उपासना और उत्तरायण के आगमन का प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है।
इस साल 14 जनवरी 2026 को मनाई जाने वाली मकर संक्रांति विशेष रूप से शुभ होगी, क्योंकि इस दिन तीन दुर्लभ योगों का संयोग बन रहा है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, ये योग कई सालों में एक बार बनते हैं। इस दौरान पूजा-पाठ, दान तथा स्नान करने से पुण्य जरूर मिलता है।
ज्योतिषयों के मुताबिक, इस दुर्लभ योग पर कुछ उपाय करने से खासतौर पर अगर घर की महिलाएं करती है तो विशेष लाभ मिल सकता है।
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मकर संक्रांति पर महिलाएं ये 5 काम ज़रूर करें
मकर संक्रांति महिलाओं के लिए विशेष रूप से सौभाग्य, स्वास्थ्य और समृद्धि देने वाला पर्व बताया गया है। कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धा से किए गए छोटे-छोटे उपाय को अपनाकर मां लक्ष्मी की असीम कृपा पाई जा सकती हैं।
तिल मिले जल से स्नान करें
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर महिलाएं सुबह ब्रह्म मुहूर्त में पानी में तिल डालकर स्नान करें। ऐसा करने से इससे तन-मन शुद्ध होता है, नकारात्मकता दूर होती है और मानसिक शांति मिलती है।
पीले या नारंगी वस्त्र पहनें
ऐसा कहा जाता है कि, मकर संक्रांति के दिन पीले या नारंगी रंग के कपड़े पहनना बेहद शुभ होता है। अगर इस दिन घर की महिलाएं पीले या नारंगी रंग के कपड़े पहनती है तो इससे सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और सौभाग्य बढ़ता हैं।
सूर्य देव को अर्घ्य दें
इस दिन स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, रोली, फूल, गुड़ डालकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। ऐसा करने से निरोगी काया मिलती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इस दिन एकादशी होने से तुलसी में जल न चढ़ाएं। इस बार मकर संक्रांति के दिन एकादशी तिथि भी पड़ रही है। इसी कारण शास्त्रीय मान्यता के अनुसार तुलसी में जल नहीं चढ़ाना चाहिए।
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तिल-गुड़ से बनी मिठाई बनाकर भोग लगाएं
रसोई साफ करके तिल और गुड़ की मिठाई बनाएं और भगवान को भोग लगाएं। यह समृद्धि और मधुर संबंधों का प्रतीक है। एकादशी के कारण चावल से बनी चीजें न बनाएं।
दान और सुहाग सामग्री अर्पित करें
तिल, गुड़, गेहूं या बाजरा का दान करें और संभव हो तो सुहागिन महिलाओं को सुहाग सामग्री दें। इससे अखंड सौभाग्य और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलती है।
