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माघ बिहू कब मनाया जाएगा? जानें असम के इस खूबसूरत महापर्व की परंपराएं

Magh Bihu 2026: माघ बिहू असम का रंगीन महापर्व है, जिसे मकर संक्रांति के एक दिन बाद मनाया जाता है। जानें कब होता है यह पर्व, इसकी खास परंपराएं, पारंपरिक व्यंजन और लोकनृत्य।

  • By सीमा कुमारी
Updated On: Jan 14, 2026 | 03:07 PM

असम का महापर्व माघ बिहू (सौ.सोशल मीडिया)

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Assam Festival: माघ बिहू असम के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे हर साल मकर संक्रांति के एक दिन बाद मनाया जाता है। अगर मकर संक्रांति 14 जनवरी को है, तो माघ बिहू 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इसे रोहिनि बिहू भी कहा जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से नए साल की शुरुआत और फसल कटाई का उत्सव है और असम में इसे परिवार और समुदाय के साथ मिलकर धूमधाम से मनाया जाता है। आइए जानते है माघ बिहू से जुड़ी रोचक बातें

असम का महापर्व माघ बिहू कब मनाया जाता है

  • माघ बिहू हर साल मकर संक्रांति के एक दिन बाद मनाया जाता है।
  • अगर मकर संक्रांति 14 जनवरी को है, तो माघ बिहू 15 जनवरी को मनाया जाएगा।
  • इसे रोहिनि बिहू भी कहा जाता है।

माघ बिहू महापर्व का क्या है अध्यात्मिक महत्व

असम का महापर्व माघ बिहू असम के लोगों के लिए नए साल की शुरुआत और फसल कटाई का उत्सव मनाते है।

किसानों के लिए यह दिन मेहनत की हुई फसल की खुशी और आभार व्यक्त करने का अवसर होता है।

सामाजिक दृष्टि से यह परिवार और समुदाय को जोड़ने वाला पर्व है।

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किस तरह मनाया जाता है माघ बिहू ?

पारिवारिक भोजन:

घरों में ताजे पकवान बनाए जाते हैं, जैसे पितो (चावल की रोटियाँ), तिल-गुड़ की मिठाइयाँ और माछ-बहुती (मछली और सब्ज़ियाँ)।

लोकगीत और नृत्य

असम के पारंपरिक बोरा और बाहा नृत्य और गीत गाए जाते हैं।

साफ-सफाई और सजावट:

घर की सफाई और पूजा स्थल की सजावट इस दिन अनिवार्य मानी जाती है।

सामाजिक मेल-जोल:

लोग पड़ोसियों और रिश्तेदारों के घर जाकर मिठाइयाँ बांटते हैं और शुभकामनाएँ देते हैं।

आधुनिक समय में माघ बिहू

आधुनिक समय में पर्व को ऑनलाइन साझा करना और वीडियो कॉल से दूर परिवार के साथ उत्सव मनाना आम हो गया है।

सोशल मीडिया पर पारंपरिक व्यंजन और नृत्य की झलकियाँ साझा की जाती हैं।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लोग रेसिपी और पारंपरिक कला सीखने में भी रुचि दिखा रहे हैं।

ये भी पढ़ें- मकर संक्रांति की डेट को लेकर क्यों हुआ कन्फ्यूज़न? जानिए आज मनाएं या 15 जनवरी को

इन बातों का रखें खास ध्यान

  • घर और आसपास की जगह साफ-सुथरी रखें।
  • स्थानीय फसलों और ताजे फूलों से पूजा स्थल सजाएँ।
  • बच्चों को पारंपरिक गीतों और नृत्यों में शामिल करें।
  • मित्रों और पड़ोसियों के साथ सामूहिक उत्सव मनाएँ।

माघ बिहू महापर्व का सांस्कृतिक महत्व

माघ बिहू केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि यह असम की सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इससे किसानों की मेहनत की सराहना होती है और समाज में भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना बढ़ती है।

Magh bihu 2026 assam traditional harvest festival

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Published On: Jan 14, 2026 | 03:07 PM

Topics:  

  • festival of 'Makar Sankranti'
  • Religion

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