माघ की अंतिम एकादशी कैसे खोल सकती है भाग्य का ताला? जानिए उपाय

Lord Vishnu: माघ की अंतिम एकादशी में भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है। अगर आप सही विधि से व्रत, पूजा और दान करें तो यह आपके भाग्य का ताला खोल सकती है।
Ekadashi
विष्णु जी (सौ.सोशल मीडिया)
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Magh Mahina Ekadashi : गुरुवार 29 जनवरी 2026 को माघ महीने की आखिरी एकादशी यानी जया एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिन उपवास रखकर श्री हरि नारायण की पूजा-अर्चना करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

ज्योतिषयों के अनुसार, एकादशी के दिन घर में इन जगहों पर दीया जलाने से सुख-समृद्धि आती है। विष्णु जी के साथ ही माता लक्ष्मी की अपार कृपा बनी रहती है। तो आइए जानते हैं कि एकादशी के दिन किन जगहों पर दीया जलाना चाहिए।

जया एकादशी का क्या है धार्मिक महत्व

पद्म पुराण में उल्लेख है कि जो भक्त इस व्रत को विधि-विधान से करता है, उसे सप्त जन्मों के पापों से छुटकारा मिलता है और वह विष्णु लोक में स्थान पाता है। धार्मिक दृष्टि से, यह व्रत व्यक्ति को आत्म-संयम सिखाता है। सनातन परंपरा में एकादशी व्रतों का महत्व इसलिए है क्योंकि ये चंद्रमा के प्रभाव से जुड़े होते हैं और जया एकादशी विशेष रूप से पापनाशक मानी जाती है। यह व्रत करने से जीवन की हर परेशानी दूर होती है, जैसे रोग, शत्रु बाधा और आर्थिक संकट। भक्तों का विश्वास है कि इस दिन विष्णु जी की कृपा से मनुष्य जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है।

एकादशी के दिन किन जगहों पर दीपक जलाए?

तुलसी के पास

तुलसी भगवान विष्णु को अति प्रिय है। बिना तुलसी के नारायण की पूजा और भोग अधूरा माना जाता है। तो एकादशी के दिन तुलसी के पास एक दीया जरूर जलाएं। ऐसा करने से आपके घर में सुख-समृद्धि औ संपन्नता का वास होता है। घर-परिवार में शांति और खुशहाली बनी रहेगी। ध्यान रखें कि एकदशी के दिन तुलसी में स्पर्श न करें और न ही इसमें जल अर्पित करें। एकादशी के दिन तुलसी में जल देना और स्पर्श करना वर्जित होता है।

घर के मंदिर में

एकादशी के दिन सुबह और शाम के समय अपने घर के मंदिर में भी एक दीया अवश्य जलाएं। मंदिर में दीया जलाने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और घर में सकारात्मकता बनी रहती है। आप दीया घी या सरसों तेल दोनों में से किसी का भी जला सकते हैं। दोनों ही दीया शुभता का प्रतीक होता है। मंदिर में दीया जलाने से मां लक्ष्मी की कृपा दृष्टि भी घर पर बनी रहती है।

घर के मुख्य द्वार पर

घर के मुख्य द्वार पर कभी भी अंधेरा नहीं रहने देना चाहिए खासतौर से शाम के समय। कहते हैं शाम का समय देवी-देवताओं का होता है। ऐसे में घर के मुख्य द्वार पर दीया जलाने से घर में माता लक्ष्मी का आगमन होता है। मां लक्ष्मी की कृपा से घर का भंडार सदैव धन-धान्य से भरा रहता है।

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