मां दुर्गा और दीपक (सौ.सोशल मीडिया)
Maa Durga Ko Prasann Karne Ke Upay: पूरे देशभर में चैत्र नवरात्रि का महापर्व बड़े ही श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले पर्व में भक्त कलश स्थापना करके और अखंड ज्योत जलाकर मां भगवती का भक्ति भाव से आह्वान करते है।
हिन्दू मान्यता के अनुसार, अखंड ज्योत पूरे नौ दिनों तक जलाई जाती है और मान्यता है कि यह बिना रुके जलती रहनी चाहिए। इसे देवी मां की उपस्थिति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए भक्त पूरे नियम और श्रद्धा के साथ इसका ध्यान रखते हैं।
लेकिन क्या आपको पता है कि इन दिनों में मंदिर में अंखड ज्योत के साथ-साथ कुछ विशेष स्थानों पर दिया जलाने से माता रानी का आशीर्वाद कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है, तो आइए जानते हैं उन स्थानों के बारे में, जहां नवरात्रि में दिया जलाना चाहिए।
शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि में सूर्यास्त के बाद मुख्य द्वार के दाईं ओर घी या तेल का दीपक जलाना चाहिए। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में देवी कृपा बनी रहती है। घर का मुख्य द्वार शुभता का प्रतीक माना जाता है।
नवरात्रि में मुख्य द्वार के अलावा रसोई घर में भी घी या तेल का दीपक जलाना चाहिए। रसोई घर में माता अन्नपूर्णा रहती हैं। ऐसे में नवरात्रि के दौरान रात के समय रसोई में एक जलाकर अवश्य रखें।
कहा जाता है कि, ऐसा करने से घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती है। अगर आप चाहते है कि,आपके घर में अन्न-धन की कमी नहो तो रसोई घर में दीपक जलाना न भूलें।
नवरात्रि में रोजाना शाम को तुलसी के पास एक घी का दीपक जलाए। कहा जाता है कि ऐसा करने से घर का वास्तु दोष दूर होता है और मां लक्ष्मी वास करती हैं।
नवरात्रि में घर की अलमारी या तिजोरी जहां धन रखा हो, वहां एक दीपक जलाए। ऐसा करने से माता लक्ष्मी और देवी दुर्गा की एक साथ कृपा होती हैं।
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दीपक हमेशा साफ स्थान पर जलाएं।
गाय के घी का दीपक अधिक शुभ माना जाता है।
दीपक जलाते समय श्रद्धा और शुद्धता का ध्यान रखें।