चंद्र ग्रहण और गर्भवती महिलाएं (सौ.AI)
Pregnancy Safety Tips During Eclipse: खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टि से चंद्र ग्रहण को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगने जा रहा है। मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है।
यह नकारात्मक ऊर्जा खासतौर से गर्भवती महिलाओं के लिए नुकसानदायक बताई जाती है। ऐसे में ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए सावधानियां बरतना बहुत ही जरूरी होता है।
धार्मिक एवं लोक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की बात कही जाती है। इसी कारण गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है और सामान्य परिस्थितियों में इससे सीधे स्वास्थ्य हानि का प्रमाण नहीं मिलता, फिर भी आस्था के अनुसार लोग निम्न बातों का पालन करते हैं:
मान्यता है कि ग्रहण के समय बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थान पर रहें।
चाकू, कैंची, सुई जैसी धारदार वस्तुओं का उपयोग न करने की परंपरा है।
ग्रहण काल में भोजन न करने की मान्यता है। यदि स्वास्थ्य कारणों से आवश्यकता हो तो डॉक्टर की सलाह से हल्का आहार लिया जा सकता है।
इस समय मानसिक शांति बनाए रखने, ध्यान करने या मंत्र जाप करने की परंपरा है।
जैसे ही ग्रहण समाप्त हो, गर्भवती महिला को शुद्ध जल से स्नान करना चाहिए। इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए।
धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को अपने पास लोहे की कोई छोटी वस्तु जरुर रखनी चाहिए। कहा जाता है कि लोहे में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की क्षमता होती है।
कुछ मान्यताओं में पास में लोहे की छोटी वस्तु रखने की बात कही जाती है।
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तिथि: 3 मार्च 2026 (मंगलवार)
प्रारंभ: दोपहर 03:20 बजे
समाप्ति: शाम 06:47 बजे
सूतक काल: सुबह 06:20 बजे से (लगभग 9 घंटे पूर्व)
ध्यान रखें कि ये सावधानियां मुख्य रूप से धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। गर्भवती महिलाओं को किसी भी प्रकार की चिंता या स्वास्थ्य समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए।