सावन में इन 6 शुभ अवसरों पर करें शिवलिंग का जलाभिषेक, भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए नोट कर लें पूरी लिस्ट
Lord Shiva Worship: सावन में शिवलिंग का जलाभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है। जानें वे 6 शुभ अवसर, जब जलाभिषेक करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है, साथ ही पूरी सूची और धार्मिक महत्व।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान शिव (सौ.जैमिनी)
Shivling Jalabhishek Benefits In Sawan : भगवान शिव की आराधना के लिए सावन का महीना सबसे पावन और फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस पूरे माह में श्रद्धा और विधि-विधान से शिव पूजा करने पर भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। वैसे तो सावन का प्रत्येक दिन शुभ माना गया है, लेकिन इस महीने में आने वाले कुछ विशेष व्रत और पर्व ऐसे हैं, जब शिवलिंग पर जलाभिषेक का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। आइए जानते हैं सावन 2026 के उन प्रमुख अवसरों के बारे में, जब शिव आराधना विशेष फलदायी मानी गई है।
सावन का पहला विशेष अवसर- प्रदोष व्रत
सावन में इस बार दो प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं। पहला 10 अगस्त 2026 (सोम प्रदोष) और दूसरा 25 अगस्त 2026 (भौम प्रदोष) को रहेगा। प्रदोष व्रत भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। विशेष रूप से जब प्रदोष सोमवार के दिन पड़े तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और पंचामृत से अभिषेक करने तथा शिव मंत्रों का जाप करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
सावन शिवरात्रि पर मिलेगा विशेष पुण्य
11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे महत्वपूर्ण तिथियों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखकर शिवलिंग का जलाभिषेक करने और रात्रि में शिव पूजन करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं तथा दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
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हरियाली तीज पर करें शिव-पार्वती की आराधना
15 अगस्त 2026 को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर दोनों की संयुक्त पूजा करने और शिवलिंग पर जल अर्पित करने से वैवाहिक सुख, अखंड सौभाग्य तथा मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है।
नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग
इस वर्ष 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी का पर्व सोमवार के दिन पड़ रहा है, जिससे इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है। इस दिन भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा का विशेष विधान बताया गया है। मान्यता है कि शिवलिंग का जलाभिषेक कर नाग देवता की आराधना करने से भय दूर होता है और जीवन में सुरक्षा एवं सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
सावन पूर्णिमा पर करें विशेष अभिषेक
28 अगस्त 2026 को सावन पूर्णिमा के साथ रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि को भगवान शिव का जलाभिषेक करना अत्यंत शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से परिवार में सुख, शांति, सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का संचार होता है।
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सावन सोमवार का महत्व सबसे अधिक
सावन के सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे श्रेष्ठ माने जाते हैं। इस वर्ष चार सावन सोमवार पड़ रहे हैं। इनमें एक सोमवार सोम प्रदोष के साथ और दूसरा नाग पंचमी के साथ विशेष संयोग बना रहा है। इन सभी दिनों में व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है।
सावन 2026 के चार सोमवार
- 3 अगस्त 2026 – पहला सावन सोमवार
- 10 अगस्त 2026 – दूसरा सावन सोमवार एवं सोम प्रदोष व्रत
- 17 अगस्त 2026 – तीसरा सावन सोमवार एवं नाग पंचमी
- 24 अगस्त 2026 – चौथा सावन सोमवार
इन विशेष तिथियों पर करें जलाभिषेक
सावन सोमवार के अलावा सोम प्रदोष, भौम प्रदोष, सावन शिवरात्रि, हरियाली तीज, नाग पंचमी और सावन पूर्णिमा जैसे पावन अवसरों पर भी भगवान शिव का जलाभिषेक करना अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई शिव आराधना से भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है तथा जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता का संचार होता है।
