जानिए गणेश चतुर्थी के दिन क्यों नहीं देखना चाहिए चांद, श्रीकृष्ण जब नहीं बच सके तो हम क्या हैं
Ganesh Chaturthi : ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन चांद देखना अशुभ माना जाता है। कहते है ऐसा करने पर मिथ्या दोष लगता है। मिथ्या दोष से बचने के लिए इस दिन चांद को देखना वर्जित है।
- Written By: सीमा कुमारी
क्यों नहीं देखना चाहिए गणेश चतुर्थी के दिन चांद (सौ.सोशल मीडिया)
Ganesh Chaturthi 2025 : रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश को समर्पित गणेश चतुर्थी का पावन पर्व कुछ ही दिनों में आने वाला है। यह त्योहार हर साल भादो महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के अगले दिन मनाई जाती है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पावन पर्व 27 अगस्त से शुरू होकर 6 सितंबर 2025 को अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जन के साथ खत्म होगा।
यह पर्व महाराष्ट्र और गुजरात समेत देश के कई राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग गणपति बप्पा की आराधना करते हैं और कई लोग तो बप्पा की मूर्ति की स्थापना भी अपने घरों में करते हैं। इस दिन को लेकर एक मान्यता भी है। ये मान्यता चांद को लेकर है।
कहा जाता है कि अगर आपने गणेश चतुर्थी के दिन चांद को देख लिया तो ये बहुत अशुभ माना जाता है और ऐसा नहीं करना चाहिए। लेकिन अगर अंजाने में आपने ऐसा किया तो इसका उपाय भी है। ऐसे में आइए जानते है गणेश चतुर्थी के दिन चांद देखना अशुभ क्यों होता है?
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क्यों नहीं देखना चाहिए गणेश चतुर्थी के दिन चांद
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन चांद देखना अशुभ माना जाता है। कहते है ऐसा करने पर मिथ्या दोष लगता है। मिथ्या दोष से बचने के लिए इस दिन चांद को देखना वर्जित है।
अगर आपने ऐसा किया तो इससे जीवन में कई सारी दिक्कतें आती हैं। ये एक अनचाहा दोष है और इससे व्यक्ति गलत और झूठे आरोपों में फंस सकता है।
गणेश चतुर्थी के दिन चांद न देखने की क्या है वजह
गणेश चतुर्थी के दिन चांद न देखने की सबसे बड़ी वजह पौराणिक कहानी भी है जो गणेश जी और उनकी सवारी चूहे से जुड़ी हुई है। दरअसल एक बार भगवान गणेश चूहे की सवारी करते हुए अपने घर से निकले। लेकिन, वे अपने भारी वजन के कारण लड़खड़ा गए। उन्हें लड़खड़ाते हुए देखकर चंद्रमा हंसने लग गए। इससे गणेश भगवान को गुस्सा आ गया।
इस दौरान ही भगवान गणेश ने चंद्रमा को श्राप दे दिया कि जो भाद्रपद माह की शुक्ल चतुर्थी की बेला में अगर रात में चांद को देख लेगा, उसे समाज में तिरस्कार और अपमान झेलना पड़ेगा। इसके अलावा, ऐसे लोगों पर गलत दोष और झूठा आरोप लग सकता है और मुश्किलें बढ़ सकती हैं ।
भगवान कृष्ण भी हो चुके हैं शिकार
किसी समय की बात है कि भगवान कृष्ण पर एक बार स्यमंतक नामक मणि चुराने का आरोप लगा था। उन्होंने गणेश चतुर्थी के मौके पर चांद को देख लिया था और वे भी गणेश भगवान के श्राप से मुक्त नहीं हो सके थे। उन्हें भी झूठे आरोपों का सामना करना पड़ा था।
गणेश चतुर्थी के मौके पर चांद दिख जाए तो क्या उपाय अपनाएं
जैसा की आप जानते है कि हर चीज का एक उपाय भी होता है। अगर आपने चतुर्थी पर चांद देख लिया है तो कुछ उपाय को अपना कर आप इससे मुक्ति पा सकते हैं। आप गणेश भगवान का व्रत रखकर इस दोष से मुक्त हो सकते हैं। इसके अलावा आप एक मंत्र का जाप कर के भी इस दोष से मुक्त हो सकते हैं।
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करें इस मंत्र का जाप
सिंहः प्रसेनमवधीतसिंहो जाम्बवता हतः। सुकुमारक मरोदिस्तव ह्येषा स्यामंतकः॥
अगर आप सच्चे मन से इस मंत्र का जाप करें तो आपको इससे बहुत फायदा मिलेगा और इस दोष से आपको मुक्ति भी मिल जाएगी।
