जानिए श्रीकृष्ण अभिषेक के नियम (सौ.सोशल मीडिया)
हर वर्ष भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन ‘कृष्ण जन्माष्टमी’ (Shri Krishna Janmashtami) का महापर्व हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाई जाती है। इस वर्ष जन्माष्टमी का त्यौहार 26 अगस्त,सोमवार के दिन पड़ रहा है। लोगों ने इस त्यौहार को धूमधाम से मनाने की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। जन्माष्टमी के त्यौहार पर सबसे ज्यादा महत्व होता है लड्डू गोपाल के अभिषेक का।
वैसे तो, जिनके घर में लड्डू गोपाल स्थापित होते हैं, वह नियमित रूप से या हर 15 दिन में एक बार उनका अभिषेक जरूर करते हैं। मगर जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का विशेष अभिषेक किया जाता है। इसे पंचामृत स्नान कहते हैं।
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, श्री कृष्ण से जुड़े कुछ खास उपाय जन्माष्टमी के दिन कर लिए जाएं, तो सुख-समृद्धि और धन-संपदा में वृद्धि होती है। साथ ही, मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जन्माष्टमी पर बाल गोपाल का पंचामृत से अभिषेक करने से कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। आइए जान लें। इन उपायों के बारे में-
संतान प्राप्ति के लिए उपाय
ज्योतिषियों के मुताबिक, संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी के खास मौके पर कान्हा का पंचामृत से अभिषेक करें। इसके साथ ही उन्हें पीले फूल, माला और वस्त्र अर्पित करें। इसके बाद उन्हें माखन मिश्री का भोग लगाएं। अंत में ‘ऊं क्लीं कृष्णाय नमः’ मंत्र का जाप करें।
गुलाबी वस्त्र अर्पित करें
जन्माष्टमी के खास दिन पर कान्हा को गुलाबी रंग के वस्त्र अर्पित करें। इसके साथ ही थोड़ा सा इत्र भी उन्हें छिड़कें। कहा जाता है कि कान्हा को सुगंधित इत्र बहुत पसंद है। इसके बाद उन्हें 9 बार झूला झुलाएं।
तुलसी की विधिवत पूजा करें
जन्माष्टमी के दिन मां तुलसी की विधिवत पूजा करनी चाहिए। शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक भी जलाएं।
तुलसी दल जरूर शामिल करें
भगवान कृष्ण को तुलसी अति प्रिय है। ऐसे में भगवान कृष्ण को भोग लगाते समय तुलसी दल जरूर रखें। इससे वह जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं।
अगर नौकरी में पदोन्नति चाहते हैं या फिर बिजनेस में अपार सफलता के साथ धन लाभ चाहते हैं, तो जन्माष्टमी के मौके पर भगवान कृष्ण को सफेद चंदन चढ़ाएं। इसके साथ ही गुलाबों से बनी फूल माला चढ़ाएं। उन्हें सफेद रंग के वस्त्र धारण कराने के साथ झूला भी झुलाएं।
केले का पौधा लगाएं
मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए जन्माष्टमी के मौके पर केले का पौधा लगाएं। इसके साथ ही इसकी नियमित रूप से पूजा-पाठ भी करें। ऐसा करने से आपको भगवान विष्णु के साथ साथ भगवान कृष्ण का आशीर्वाद भी मिलेगा।