आज है कर्क संक्रांति, सूर्य देव बदल रहे हैं अपनी चाल, रातों-रात भाग्य चमकाने के लिए करें ये अचूक उपाय
Kark Sankranti 2026: कर्क संक्रांति के अवसर पर सूर्य देव कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं। जानिए इस शुभ दिन का धार्मिक महत्व, सूर्य गोचर का प्रभाव और अचूक उपाय के बारें में।
- Written By: सीमा कुमारी
सूर्य देव (सौ.सोशल मीडिया)
Kark Sankranti Par Kya Karein: आज कर्क संक्रांति हैं। कर्क संक्रांति हिंदू पंचांग का एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन होता हैं। कर्क संक्रांति वह विशेष पर्व है जब सूर्य कर्क राशि में प्रवेश कर दक्षिणायन प्रारंभ करते हैं, जिसे देवताओं का रात्रि काल माना जाता हैं।
ज्योतिषयों के अनुसार, कर्क संक्रांति के दिन से दिन छोटे और रातें बड़ी होने लगती हैं। शास्त्रों में इसका अत्यंत महत्व बताया गया हैं। इस वर्ष इसके पुण्य और महा पुण्य काल का विशेष समय हैं। सूर्य देव की कृपा प्राप्ति हेतु इस दिन स्नान, दान और मंत्र जाप के साथ अर्घ्य देने का विशेष विधान हैं।
कर्क संक्रांति 2026, तिथि और शुभ समय
द्रिक पंचांग के अनुसार, कर्क संक्रांति 16 जुलाई 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। इस दिन पुण्य काल दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर शाम 7 बजकर 21 मिनट तक रहेगा यानी कुल 6 घंटे 53 मिनट तक पुण्य काल रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस समय किए गए स्नान, दान, जप और पूजा का विशेष फल मिलता है।
सम्बंधित ख़बरें
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में पड़ गया है जन्मदिन, मनाएं या नहीं? जानिए शास्त्र के नियम
Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि में रोजाना पढ़ें मां दुर्गा की ये आरती, दूर होंगे सभी दुख-कष्ट
Navabharat Nishanebaaz: बहुत उपयोगी है रेलवे का सलून किसी में पूजा, कहीं हनीमून
World Snake Day: भारत में पाए जाने वाले ‘Big 4’ जहरीले सांप, सबसे ज्यादा इन्हीं के काटने से होती हैं मौतें
कर्क संक्रांति क्यों है इतना खास?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कर्क संक्रांति के साथ ही दक्षिणायन की शुरुआत होती हैं। हिंदू मान्यता के अनुसार, यह समय आत्मचिंतन, भक्ति और अच्छे कर्म करने के लिए बहुत शुभ माना जाता हैं। इस दिन पूजा-पाठ और दान करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और पुराने पापों का नाश होता है साथ ही, यह दिन प्रकृति और परिवार के प्रति आभार व्यक्त करने का भी प्रतीक माना जाता हैं।
कर्क संक्रांति पर करें ये अचूक उपाय
-
सूर्य देव को अर्घ्य दें
सुबह तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, और थोड़ा गुड़ डालकर सूर्य देव को जल चढ़ाएं। इससे मान-सम्मान बढ़ता है।
-
मंत्र जाप करें
पूजा के समय “ॐ सूर्याय नमः” का 21 बार जाप करें। आप “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का भी जाप कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें- Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि में रोजाना पढ़ें मां दुर्गा की ये आरती, दूर होंगे सभी दुख-कष्ट
-
दान करें
इस दिन गरीब लोगों को तांबे के बर्तन, लाल कपड़े, गेहूं या गुड़ का दान करना चाहिए।
-
आदित्य हृदयस्तोत्र का पाठ
यदि संभव हो, तो इस दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। इससे जीवन की रुकावटें दूर होती हैं।
-
व्रत रखें
इस दिन एक समय बिना नमक का भोजन करें या व्रत रखें। ऐसा करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होता है।
