Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

दुर्गा पूजा के बाद 31 अक्टूबर को होगा काली पूजा का आयोजन, जानिए इस पूजा का महत्व

महाराष्ट्र के पुणे शहर में बंगीय संस्कृति संसद कमेटी द्वारा कांग्रेस भवन शिवाजीनगर में 31 अक्टूबर को काली पूजा का आयोजन किया गया है। दिवाली के अवसर पर बंगाली समुदाय काली पूजा करते है।

  • Written By: दीपिका पाल
Updated On: Oct 28, 2024 | 03:19 PM

काली पूजा 31 अक्टूबर को (सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

पुणे- दुर्गा पूजा के बाद काली पूजा की जाने वाली है इसकी तैयारी में बंगाली समुदाय जुट गया है जहां पर बंगीय संस्कृति संसद कमेटी द्वारा कांग्रेस भवन शिवाजीनगर में 31 अक्टूबर को काली पूजा का आयोजन किया गया है। दिवाली के अवसर पर बंगाली समुदाय काली पूजा करते है। यहां पुणे शहर में कांग्रेस भवन शिवाजीनगर, काली बड़ी खड़की समेत कई जगह पर आयोजन किया जाता है।

इस दौरान बंगाली समुदाय के लोग एक साथ आते है. सभी मंदिर या पंडाल में पहुंचते है. इस दौरान अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. कमिटी द्वारा पुणे में पिछले 84 वर्षों से काली माता पूजा का त्यौहार मनाया जा रहा है।

रात 9 बजे की जाएगी काली पूजा

आपको बताते चलें कि, बंगीय संस्कृति संसद कमेटी द्वारा 31 अक्टूबर को शाम से देर रात तक काली पूजा का आयोजन किया गया है। इस दौरान शाम को संगीत व भजन का आयोजन होगा जिसके बाद रात 9 बजे के बाद काली माता की पूजा शुरु की जाएगी जो पूजा देर रात 12 बजे तक चलती है, जिसके बाद भक्तों द्वारा माता को अंजली दी जाती है, फिर महाप्रसाद का वितरण किया जाता है। महाप्रसाद के रूप में भोग में खिचड़ी खाया जाता है। मंदिर परिसर में मौजूद सभी भक्त इससे ग्रहण करते है, इस दौरान करीब 500 लोग पहुंचते है।

सम्बंधित ख़बरें

Baramati Byelection: बारामती और राहुरी में चुनाव लड़ने पर अड़ी कांग्रेस, निर्विरोध निर्वाचन की उम्मीदें खत्म

Pune Rain: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में बेमौसम बारिश का तांडव, सड़कों पर जलजमाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त

पुणे के वैष्णवी हगवणे केस में बड़ा फैसला, IPS अधिकारी अमिताभ गुप्ता और सुपेकर को क्लीन चिट

अजित पवार विमान हादसा: बेंगलुरु में दर्ज ‘Zero FIR’ अब तक नहीं पहुंची पुणे पुलिस के पास, कैसे होगी जांच?

ये भी पढ़ें- इंसान का जीना अब तक कितना है बाकी, अधिकतम उम्र को लेकर शोध में सामने आया ये खुलासा

सभी काली माता का पूजा व दर्शन करते है. महाप्रसाद के बाद सुबह काली माता की मूर्ति का विसर्जन किया जाता है। दरअसल दीपावली का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन बंगाली परिवारों में दीपावली की रात माता लक्ष्मी की जगह मां काली की पूजा करने का विधान है. दीपावली की आधी रात में पूजा कर मां काली को भोग लगाया जाता है और इस बार बंगाली समाज में काली पूजा 31 अक्टूबर दिन गुरुवार को होगी।

माता काली की पूजा का महत्व

देवी दुर्गा की दस महाविद्याओं के स्वरूपों में माता काली प्रमुख स्थान पर हैं यहां पर माता काली की पूजा अर्चना करने से सभी तरह के भय और नकारात्मक शक्तियां खत्म हो जाती हैं। साथ ही सभी रोग और दोष से भी मुक्ति मिलती है, माता काली की पूजा करने से सभी ग्रहों का शुभ प्रभाव पड़ता है और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, राहु-केतु की शांति के लिए माता काली की पूजा करना सबसे अच्छा उपाय है। काली माता की पूजा मात्र से ही सभी तरह तंत्र मंत्र का प्रभाव भी खत्म हो जाता है।

Kali puja will be organized on october 31 after durga puja

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Oct 28, 2024 | 03:19 PM

Topics:  

  • Bengali Community
  • Diwali
  • Pune

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.