-
सोम, 10 अगस्त 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Religion »
- Kalawa Bandhne Ka Sahi Tarika Mauli Kitni Baar Lapetna Shubh Hai
कलावा बांधने का सही तरीका क्या है? जानिए हाथ में मौली कितनी बार लपेटना माना जाता है शुभ
- Written By: सीमा कुमारी
Kalawa Bandhne Ke Niyam Vidhi: हिंदू धर्म में कलावा को शुभता, सुरक्षा और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हाथ में मौली कितनी बार लपेटनी चाहिए। यहां जानिए।

रक्षा सूत्र बांधने के क्या हैं धार्मिक नियम (सौ.सोशल मीडिया)
Kalawa Bandhne Ka Sahi Tareeka Aur Mahatva: सनातन धर्म में पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ और अन्य मांगलिक कार्यों के दौरान हाथ में कलावा या मौली बांधने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसे सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि शुभता, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
धार्मिक अनुष्ठानों के समय पंडित या पुरोहित मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर मौली को हाथ में कितनी बार लपेटना चाहिए- 3 बार, 5 बार या 7 बार? आइए जानते हैं इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताओं और जरूरी नियमों के बारे में।
रक्षा सूत्र बांधने के क्या हैं धार्मिक नियम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलावा या रक्षा सूत्र बांधने की एक विशेष विधि होती है। इसे श्रद्धा और मंत्रोच्चार के साथ बांधा जाता है। माना जाता है कि सही विधि से धारण किया गया रक्षा सूत्र व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जा से बचाने और शुभ फल प्रदान करने में सहायक होता है।
सम्बंधित ख़बरें
8th House in Astrology: आठवें भाव में कौन सा ग्रह होता है सबसे शुभ? जानें शुक्र-शनि समेत सभी ग्रहों का असर
चित्रगुप्त पीठ पर सैकड़ों संतों ने किया महायज्ञ, मथुरा में कारसेवा के बीच पहुंची गुलाबी पत्थरों की पहली खेप
श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर मथुरा अलर्ट; शाही ईदगाह में बढ़ाई गई सुरक्षा, आगरा से आए 4 लोग हिरासत में
Mathura: श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर संतों का संकल्प, देश-विदेश में चलाया जाएगा हस्ताक्षर अभियान
मौली को हाथ में कितनी बार लपेटना माना जाता है शुभ?
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, रक्षा सूत्र को सामान्य तौर पर 3 या 5 बार लपेटकर बांधना शुभ माना जाता है। पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के दौरान अधिकांश पंडित और पुरोहित इसी विधि का पालन करते हैं।
हालांकि कुछ लोग अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार इसे अधिक बार भी लपेटते हैं, लेकिन शास्त्रीय मान्यताओं में 3 और 5 बार मौली बांधने का विशेष महत्व बताया गया है।
तीन बार रक्षा सूत्र बांधने का क्या है महत्व?
धार्मिक मान्यता है कि रक्षा सूत्र को तीन बार लपेटने का संबंध त्रिदेव और त्रिशक्तियों से होता है।
हिंदू धर्म में त्रिदेव के रूप में भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान महेश को माना जाता है, जबकि त्रिशक्तियों में मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और मां दुर्गा का विशेष स्थान है।
माना जाता है कि तीन बार रक्षा सूत्र बांधना इन दिव्य शक्तियों के आशीर्वाद, सुरक्षा और शुभता का प्रतीक होता है। यह व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मंगल की कामना से जुड़ा माना जाता है।
यह भी पढ़ें-क्या गुरुवार और रविवार को खिचड़ी खाना माना जाता है अशुभ? जानिए इसके पीछे की धार्मिक मान्यता
पुरुष, महिलाएं और लड़कियां किस हाथ में बांधें कलावा?
- पुरुषों के लिए: रक्षा सूत्र दाहिने हाथ में बांधने की परंपरा है।
- विवाहित महिलाओं के लिए: बाएं हाथ में मौली बांधना शुभ माना जाता है।
- अविवाहित लड़कियों के लिए : दाहिने हाथ में कलावा धारण किया जा सकता है।
रक्षा सूत्र बांधते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- मौली बांधते समय हाथ की मुट्ठी बंद रखना शुभ माना जाता है।
- रक्षा सूत्र को मंत्रोच्चार के साथ बांधने की परंपरा है।
- कलावा बंधवाने के बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार पंडित या पुरोहित को दक्षिणा देना शुभ माना जाता है।
- रक्षा सूत्र को हमेशा सम्मान और श्रद्धा के साथ धारण करना चाहिए।
रक्षा सूत्र सिर्फ धागा नहीं, आस्था का प्रतीक है
सनातन परंपरा में कलावा या मौली को सुरक्षा, मंगल और ईश्वर की कृपा का प्रतीक माना गया है। यही वजह है कि आज भी पूजा-पाठ से लेकर हर शुभ कार्य में इसे धारण करने की परंपरा बड़े श्रद्धाभाव के साथ निभाई जाती है।
Kalawa bandhne ka sahi tarika mauli kitni baar lapetna shubh hai
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
उल्टी दिशा में गाड़ी चलाई तो सीधे दर्ज होगी FIR! सीपी आशुतोष डुंबरे के आदेश पर सड़क पर उतरी ठाणे ट्रैफिक पुलिस
Aug 10, 2026 | 09:44 AMLemon Water for Kidneys: किडनी स्टोन से बचाव में कितना कारगर है नींबू पानी? जानें फायदे और सावधानियां
Aug 10, 2026 | 09:38 AM15 अगस्त पर रिलीज होते ही छाईं ये फिल्में, ‘स्त्री 2’ समेत इन फिल्मों ने की छप्परफाड़ कमाई
Aug 10, 2026 | 09:33 AMरीवा से भोपाल और कोलकाता की हवाई सेवा शुरू, विंध्य को मिली नई उड़ान, व्यापार-पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
Aug 10, 2026 | 09:30 AMएक तीर एक कमान विश्व के आदिवासी एक समान; जय सेवा, जय बिरसा मुंडा के उद्घोष से गूंजा गोंदिया शहर
Aug 10, 2026 | 09:19 AMExplainer: झारखंड में महासंग्राम की तैयारी में छात्र! अब तक क्यों प्रोटेस्ट खत्म नहीं करा पाई सरकार?
Aug 10, 2026 | 09:14 AMFCRA रजिस्ट्रेशन रद्द हुआ तो क्या होगा? आज तय होगी विपक्ष की रणनीति, कांग्रेस ने सांसदों को जारी किया व्हिप
Aug 10, 2026 | 09:10 AMवीडियो गैलरी

ममता बनर्जी के काफिले पर हमला! गाड़ी घेरी, कीचड़ और जूते फेंके; कांचरापाड़ा में भारी बवाल का Video आया सामने
Aug 09, 2026 | 10:51 PM
पैसे लेकर बहाली का आरोप, पप्पू यादव का बड़ा ऐलान, बोले- छात्रों के साथ खुद बैठूंगा अनशन पर, देखें VIDEO
Aug 09, 2026 | 05:28 PM
नशेड़ी सिपाही की दबंगई कैमरे में कैद! दुकान में घुसकर मांगे ₹5000, VIDEO वायरल होते ही मचा हड़कंप
Aug 09, 2026 | 04:33 PM
JPSC-JSSC छात्रों के आंदोलन में पहुंचे पीयूष मिश्रा, बोले- युवाओं को नजरअंदाज करना सौतेला व्यवहार! देखें VIDEO
Aug 08, 2026 | 10:53 PM
ना मशीन, ना मोटर…अचानक कुएं उठने लगीं समुद्र जैसी लहरें! वैज्ञानिक वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप-VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:54 PM
Exclusive: बलूचिस्तान ने किया ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ का ऐलान! 11 अगस्त को पाकिस्तान में मचेगा गदर- VIDEO
Aug 08, 2026 | 09:45 PM














