Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

फरवरी में इस दिन है कालाष्टमी का व्रत? जानिए डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Kalashtami Importance:कालाष्टमी भगवान शिव के रौद्र रूप कालभैरव को समर्पित व्रत है। इस दिन पूजा और उपवास करने से बुरी शक्तियां दूर रहती हैं, शत्रु हारे जाते हैं और शनि-राहु के दुष्प्रभाव कम होते हैं।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Feb 06, 2026 | 11:12 PM

कालाष्टमी का व्रत

Follow Us
Close
Follow Us:

Kalashtami 2026 Kab Hai: भगवान शिव के रौद्र रूप कालभैरव देव को समर्पित कालाष्टमी का व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रखा जाता है। इस बार फाल्गुन महीने की कालाष्टमी का व्रत 9 फरवरी को रखा जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, कालाष्टमी के दिन भगवान काल भैरव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और रात्रि में भैरव जी की पूजा कर प्रसाद अर्पित करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत करने और भगवान काल भैरव की आराधना करने से सभी संकट दूर होते हैं और व्यक्ति को हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है।

कब है? कालाष्टमी व्रत

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि सोमवार 09 फरवरी को सुबह 05 बजकर 01 मिनट पर शुरू हो रही है। इस तिथि का समापन 10 फरवरी को सुबह 07 बजकर 27 मिनट पर होगा।

सम्बंधित ख़बरें

Valentine’s Day 2026 पर है शनि की दृष्टि, Lovers भूलकर भी न करें ऐसी गलतियां

महाशिवरात्रि पर महादेव को जल चढ़ाने के बाद घर ले आएं ये 1 चीज, तिजोरी में कभी कम नहीं होगा पैसा!

महाशिवरात्रि के दिन क्यों चढ़ाते हैं शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और भांग? अब खुला रहस्य!

इंद्रियों पर काबू पा लिया तो जीवन बदल जाएगा, श्री प्रेमानंद जी महाराज का सीधा और कठोर संदेश

कालाष्टमी पर निशा यानी रात्रि काल में कालभैरव देव की पूजा की जाती है। 09 फरवरी को फाल्गुन माह की कालाष्टमी का व्रत रखा जाएगा।

कालाष्टमी व्रत का शुभ मुहूर्त 2026:

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:21 से 06:12 तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:26 से 03:10 तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:04 से 06:30 तक

निशिता मुहूर्त: रात 12:09 से 01:01 तक

कालाष्टमी पूजा विधि

  • सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें।
  • पूजा स्थान पर दीपक जलाएं या कालभैरव मंदिर जाएं।
  • भगवान कालभैरव को धूप, दीप, फूल और फल अर्पित करें।
  • उनका ध्यान करें और ॐ कालभैरवाय नमः मंत्र का जप करें।
  • इस दिन उपवास रखें।
  • घर में कालभैरव की मूर्ति या चित्र न रखें; केवल मंदिर में ही पूजा करें।
  • काले कुत्ते को भोजन अवश्य कराएं।

यह भी पढ़ें:–Valentine’s Day 2026 पर है शनि की दृष्टि, Lovers भूलकर भी न करें ऐसी गलतियां

कालाष्टमी व्रत का महत्व

कालभैरव देव को शिव जी के रौद्र रूप, समय, न्याय और सुरक्षा के अधिपति माना जाता है। इस दिन व्रत और पूजन करने से नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है। इसके अलावा शत्रुओं से मुक्ति, कालसर्प दोष, और शनि और राहु के दुष्प्रभाव समाप्त होते हैं।

इसलिए कालाष्टमी का व्रत न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मानसिक शांति और सुरक्षा का प्रतीक भी है।

Kalashtami 2026 puja vrat importance

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 06, 2026 | 11:12 PM

Topics:  

  • Kalashtami Vrat
  • Lord Shiva
  • Religion

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.