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फरवरी में इस दिन है कालाष्टमी का व्रत? जानिए डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Kalashtami Importance:कालाष्टमी भगवान शिव के रौद्र रूप कालभैरव को समर्पित व्रत है। इस दिन पूजा और उपवास करने से बुरी शक्तियां दूर रहती हैं, शत्रु हारे जाते हैं और शनि-राहु के दुष्प्रभाव कम होते हैं।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Feb 06, 2026 | 11:12 PM

कालाष्टमी का व्रत

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Kalashtami 2026 Kab Hai: भगवान शिव के रौद्र रूप कालभैरव देव को समर्पित कालाष्टमी का व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रखा जाता है। इस बार फाल्गुन महीने की कालाष्टमी का व्रत 9 फरवरी को रखा जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, कालाष्टमी के दिन भगवान काल भैरव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और रात्रि में भैरव जी की पूजा कर प्रसाद अर्पित करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत करने और भगवान काल भैरव की आराधना करने से सभी संकट दूर होते हैं और व्यक्ति को हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है।

कब है? कालाष्टमी व्रत

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि सोमवार 09 फरवरी को सुबह 05 बजकर 01 मिनट पर शुरू हो रही है। इस तिथि का समापन 10 फरवरी को सुबह 07 बजकर 27 मिनट पर होगा।

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कालाष्टमी पर निशा यानी रात्रि काल में कालभैरव देव की पूजा की जाती है। 09 फरवरी को फाल्गुन माह की कालाष्टमी का व्रत रखा जाएगा।

कालाष्टमी व्रत का शुभ मुहूर्त 2026:

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:21 से 06:12 तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:26 से 03:10 तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:04 से 06:30 तक

निशिता मुहूर्त: रात 12:09 से 01:01 तक

कालाष्टमी पूजा विधि

  • सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें।
  • पूजा स्थान पर दीपक जलाएं या कालभैरव मंदिर जाएं।
  • भगवान कालभैरव को धूप, दीप, फूल और फल अर्पित करें।
  • उनका ध्यान करें और ॐ कालभैरवाय नमः मंत्र का जप करें।
  • इस दिन उपवास रखें।
  • घर में कालभैरव की मूर्ति या चित्र न रखें; केवल मंदिर में ही पूजा करें।
  • काले कुत्ते को भोजन अवश्य कराएं।

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कालाष्टमी व्रत का महत्व

कालभैरव देव को शिव जी के रौद्र रूप, समय, न्याय और सुरक्षा के अधिपति माना जाता है। इस दिन व्रत और पूजन करने से नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है। इसके अलावा शत्रुओं से मुक्ति, कालसर्प दोष, और शनि और राहु के दुष्प्रभाव समाप्त होते हैं।

इसलिए कालाष्टमी का व्रत न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मानसिक शांति और सुरक्षा का प्रतीक भी है।

Kalashtami 2026 puja vrat importance

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Published On: Feb 06, 2026 | 11:12 PM

Topics:  

  • Kalashtami Vrat
  • Lord Shiva
  • Religion News

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