Jyeshtha Month: किस दिन शुरू हो रहा है ज्येष्ठ का महीना? जानिए क्या है इसका धार्मिक महत्व
Jyeshtha Month Vrat And Puja: पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ का महीना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह में स्नान, दान और व्रत का विशेष महत्व होता है, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान विष्णु ( सौ. AI)
Jyeshtha Month Start Date: धार्मिक एवं आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से ज्येष्ठ मास सनातन धर्म में बड़ा महत्व रखता है। इस वर्ष ज्येष्ठ मास की शुरुआत 2 मई से हो रही है। वहीं, इस माह का समापन 29 जून को होगा। इस बार ज्येष्ठ मास में अधिक मास का संयोग बन रहा है।
इस माह में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करने का विशेष महत्त्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ माह में इन शुभ कामों को करने से साधक को पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
कब से शुरू हो रहा है ज्येष्ठ मास?
ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ माह (Jyeshtha Month)का शुभारंभ 2 मई से होने जा रहा है, जो 29 जून तक चलेगा। इस बार ज्येष्ठ मास की विशेषता यह है कि इसमें अधिक मास का संयोग बन रहा है, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होता है।
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ज्येष्ठ माह का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह का धार्मिक महत्व है। इस बार ज्येष्ठ माह में अधिक मास पड़ रहा है। इसी वजह से इसे पुरुषोत्तम माह भी कहा जाएगा। इस माह को जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस माह में शुभ काम जैसे- जप, तप, और दान-पुण्य आदि करने चाहिए।
इन कामों का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस माह के मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन भगवान राम और हनुमान जी की पहली भेंट हुई थी। इसलिए बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने का खास महत्व है।
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कैसे करें हनुमान जी को प्रसन्न
- अगर आप जीवन में संकटों का सामना कर रहे हैं, तो ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करें। साथ ही बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और बिगड़े काम पूरे होते हैं।
- इसके अलावा सत्तू, जल, धन और अन्न समेत आदि चीजों का दान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन चीजों का दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
