Jyeshtha Ekadashi: ज्येष्ठ माह की पहली एकादशी बुधवार को, विधिवत पूजा से मिल जाएगी कर्ज से मुक्ति!

Jyeshtha Ekadashi: ज्येष्ठ माह की पहली एकादशी इस बार बुधवार को पड़ रही है। मान्यता है कि विधिवत पूजा और व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और कर्ज से मुक्ति के मार्ग खुलते हैं।
Jyeshtha Ekadashi : ज्येष्ठ माह की पहली एकादशी बुधवार को, विधिवत पूजा से मिल जाएगी कर्ज से मुक्ति!
भगवान विष्णु संग माता लक्ष्मी (Source. Pinterest)
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Jyeshtha Maas Ekadashi : 13 मई को अपरा एकादशी का व्रत हैं। यह एकादशी हर साल ज्येष्ठ महीने में मनाया जाता है। सभी एकादशी व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित होते हैं। इस दिन माता लक्ष्मी के साथ श्री हरि की पूजा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना गया है, जो आर्थिक संकट, करियर की बाधाओं या पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। अपरा या अचला एकादशी के दिन किए गए उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक साबित हो सकते हैं।

कब है अपरा एकादशी का व्रत?

ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 12 मई को दोपहर 02 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 13 मई को दोपहर 01 बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, अपरा एकादशी व्रत (Jyeshtha Ekadashi) ज्येष्ठ माह की पहली एकादशी बुधवार को, विधिवत पूजा से मिल जाएगी कर्ज से मुक्ति! 13 मई को रखा जाएगा।

अपरा एकादशी पूजा मुहूर्त

इस दिन विष्णु जी की पूजा के लिए सुबह 5 बजकर 32 मिनट से सुबह 8 बजकर 55 मिनट के तक शुभ मुहूर्त रहेगा।

ज्येष्ठ माह की पहली एकादशी पर करें ये महाउपाय

  • कर्ज से मुक्ति

ज्योतिषयों के अनुसार, अपरा एकादशी के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा कर जड़ में जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे आर्थिक समस्याएं दूर होने लगती हैं। वहीं शाम के समय तुलसी माता के सामने घी का दीपक जलाकर परिक्रमा करने से कर्ज से मुक्ति मिलने का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है।

  • करियर और नौकरी में तरक्की

अपरा एकादशी के दिन करियर और नौकरी में तरक्की पाने के लिए जौ से भरे कलश पर आम के पत्ते रखकर दीप प्रज्वलित करें। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की श्रद्धापूर्वक फल-फूल अर्पित कर पूजा करें और उन्नति की कामना करें।

अपरा एकादशी पर भगवान विष्णु को केले, लड्डू और लाल पुष्प अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। वहीं, सूर्यदेव को विशेष अर्घ्य देने से आत्मविश्वास, सकारात्मक ऊर्जा और धन लाभ के योग मजबूत होते है।

अपरा एकादशी महत्व

अपरा एकादशी का सनातन धर्म में विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति और पुण्य फल की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि अपरा एकादशी का व्रत भगवान भगवान विष्णु की कृपा दिलाने के साथ सुख-समृद्धि, शांति और मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

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