जामसांवली हनुमान मंदिर(सौ.GEMINI)
Jam Sawali Hanuman Mandir: हर साल की तरह इस बार भी राम भक्त हनुमान जी का जन्मोत्सव हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, इस पावन दिन पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन के संकट दूर हो जाते हैं।
इस अवसर पर श्रद्धालु मंदिरों में जाकर बजरंगबली के दर्शन करते हैं, पूजा करते हैं और मत्था टेककर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। आज हनुमान जयंती के शुभ मौके पर हम आपको हनुमान जी के रहस्यमयी मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। जिससे लोगों की गहरी आस्था जुड़ी है।
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में स्थित जामसांवली हनुमान मंदिर अपनी अलग मान्यता के लिए जाना जाता है। लोक मान्यता के अनुसार, हनुमान जी की नाभि से रहस्यमयी जल निकलता है, जिसे ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं।
लोगों का मानना है कि इस पवित्र जल को पीने से भगवान हनुमान सभी बाधाओं को दूर करते हैं और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है, इसी विश्वास के चलते श्रद्धालु दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में स्थित जामसांवली हनुमान मंदिर अपनी अनोखी मान्यता के लिए प्रसिद्ध है।
लोगों का मानना है कि इस पवित्र धाम का सम्बन्ध रामायण काल से जुड़ी है। जामसांवली हनुमान मंदिर छिंदवाड़ा जिले में नागपुर-छिंदवाड़ा रोड पर, जाम और सर्पा नदियों के पास स्थित है।
मान्यता है कि जब भगवान हनुमान मेघनाथ के प्रहार से मूर्छित लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी लेकर लौट रहे थे, तब उन्होंने इसी स्थान पर कुछ समय विश्राम किया था। इसी कारण इस मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा विश्राम अवस्था में स्थापित है।
हनुमान जी के इस मंदिर में पीपल के पेड़ के नीचे हनुमान जी की विशाल प्रतिमा स्थापित है, जिसकी नाभि से रहस्यमयी जल निकलता है। भक्तों का विश्वास है कि इस पवित्र जल को ग्रहण करने से रोगों और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। श्रद्धालु अपने परिवार के स्वास्थ्य के लिए भी यह जल साथ लेकर जाते हैं। यह जलधारा कहां से आती है, इसका रहस्य आज तक अज्ञात है।
मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव होता है, उन्हें विशेष रूप से यहां आने की सलाह दी जाती है। हालांकि, दर्शन-पूजन के बाद सवा महीने तक लहसुन, प्याज, मदिरा और बुरे आचरणों से परहेज करना आवश्यक माना जाता है।
जामसांवली हनुमान मंदिर दोषों से मुक्ति के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है। मान्यता है कि जिन लोगों की कुंडली में शनि या मंगल दोष होता है, वे यहां आकर पूजा-अर्चना करने से राहत प्राप्त करते हैं। मंगल दोष से मुक्ति के लिए आषाढ़ के पहले मंगलवार को हनुमान जी को लाल चोला या लंगोटा चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है।
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मंदिर से जुड़ी एक प्रचलित किंवदंती के अनुसार, पहले हनुमान जी की प्रतिमा खड़ी अवस्था में थी, लेकिन जब कुछ डाकुओं ने पीपल के पेड़ के नीचे छिपे खजाने को चुराने की कोशिश की, तो उसकी रक्षा के लिए प्रतिमा स्वयं वर्तमान अवस्था में आ गई। हालांकि, पीपल के पेड़ के नीचे खजाना होने के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।