जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: भगवान महाप्रभु को बेहद प्रिय हैं ये फूल, श्रद्धा से चढ़ाने पर बरसती है कृपा

Jagannath Rath Yatra 2026: जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 के पावन अवसर पर जानिए भगवान महाप्रभु को कौन-से फूल सबसे अधिक प्रिय हैं। श्रद्धा और विधि-विधान से ये पुष्प अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती हैं।
Lord Jagannath Favorite Flowers
भगवान महाप्रभु को बेहद प्रिय हैं ये फूल ( सौ.जैमिनी)
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Lord Jagannath Favorite Flowers: भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा देश के सबसे भव्य और श्रद्धा से जुड़े धार्मिक उत्सवों में से एक मानी जाती है। इस वर्ष 16 जुलाई से 24 जुलाई 2026 तक रथ यात्रा का महापर्व मनाया जाएगा। इस दौरान पुरी धाम सहित देशभर के मंदिरों और घरों में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।

अगर आप भी रथ यात्रा के अवसर पर भगवान जगन्नाथ की विधि-विधान से पूजा करना चाहते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि उन्हें कौन-से पुष्प सबसे अधिक प्रिय माने जाते हैं और किन फूलों को उनकी पूजा में अर्पित नहीं करना चाहिए।

भगवान जगन्नाथ को सबसे प्रिय माने जाते हैं ये फूल

चमेली और मालती के फूल

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चमेली और मालती के सफेद, सुगंधित फूल भगवान जगन्नाथ को अत्यंत प्रिय हैं। पुरी मंदिर की परंपराओं में भी इन फूलों से प्रतिदिन भगवान के लिए सुंदर मालाएं तैयार की जाती हैं।

चंपा का सुगंधित फूल

चंपा का फूल भी भगवान महाप्रभु को अर्पित किए जाने वाले प्रमुख पुष्पों में शामिल है। इसकी मनमोहक सुगंध को अत्यंत शुभ माना जाता है और पूजा में इसका विशेष महत्व बताया गया है।

पारिजात के दिव्य पुष्प

पारिजात के फूलों का उपयोग भगवान जगन्नाथ की पूजा और मंदिरों की सजावट में शुभ माना जाता है। इनकी सुगंध और पवित्रता के कारण इन्हें विशेष स्थान प्राप्त है।

कदंब और रजनीगंधा

कदंब का फूल भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा माना जाता है, इसलिए जगन्नाथ पूजा में भी इसका विशेष महत्व है। वहीं रजनीगंधा की सुगंधित मालाएं भी भगवान को अर्पित की जाती हैं।

तुलसी और 'दयाना' का विशेष महत्व

पुरी की पारंपरिक सेवापद्धति के अनुसार भगवान जगन्नाथ की पूजा में तुलसी के साथ 'दयाना' नामक सुगंधित पत्ते का भी विशेष उपयोग किया जाता है। इसके अलावा प्रतिदिन रात्रि विश्राम से पहले भगवान को सुगंधित फूलों और तुलसी से बनी विशेष 'बनमाला' पहनाई जाती है, जिसे 'बनमाला बेश' कहा जाता है।

भगवान जगन्नाथ की पूजा में किन फूलों को नहीं चढ़ाना चाहिए?

धतूरा और आक

धतूरा और आक के फूल भगवान शिव की पूजा में अत्यंत प्रिय माने जाते हैं, लेकिन भगवान जगन्नाथ की पूजा में इनका उपयोग नहीं किया जाता।

लाल जावा (गुड़हल) का फूल

लाल जावा या गुड़हल का फूल मुख्य रूप से देवी काली की आराधना में अर्पित किया जाता है। सामान्यतः इसे भगवान जगन्नाथ की पूजा में नहीं चढ़ाया जाता।

केतकी (केवड़ा/कीया) का फूल

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में केतकी के फूल का उपयोग वर्जित माना गया है। चूंकि भगवान जगन्नाथ को भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण का ही स्वरूप माना जाता है, इसलिए उनकी पूजा में भी केतकी का प्रयोग नहीं किया जाता।

भगवान जगन्नाथ को कैसे करें शीघ्र प्रसन्न?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि श्रद्धा और भक्ति से भगवान जगन्नाथ के श्रीचरणों में एक तुलसी दल और एक ताजा कमल का फूल भी अर्पित किया जाए, तो भगवान महाप्रभु अत्यंत प्रसन्न होते हैं। ऐसी मान्यता है कि उनकी कृपा से भक्त के जीवन में सुख, समृद्धि, मानसिक शांति और मंगल का वास होता है।

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