पुत्रदा एकादशी पर भगवान विष्णु को जरूर चढ़ाएं उनका प्रिय भोग, जानिए इसे बनाने की विधि

श्रावण मास की एकादशी यानी 'पुत्रदा एकादशी' इस बार 16 अगस्‍त को पड़ रही है। इस दिन श्री हरि की पूजा में पंचामृत का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचामृत चढ़ाने से भगवान विष्णु की असीम कृपा भक्तों पर सदैव बनी रहती है।
पंचामृत का महत्व और बनाने की विधि
(सौजन्य सोशल मीडिया)
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श्रावण मास की एकादशी यानी 'पुत्रदा एकादशी' इस बार 16 अगस्‍त को शुक्रवार के दिन पड़ रही है। पद्म पुराण में इस एकादशी का बड़ा ही महत्‍व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्री हरि की पूजा में पंचामृत का भोग अर्पित करना बड़ा ही शुभ माना जाता है। पंचामृत चढ़ाने से भगवान विष्णु की असीम कृपा भक्तों पर सदैव बनी रहती है।

पंचामृत पांच चीजों से मिलकर बनाया जाता है जिन्हें अमृत के समान माना जाता है। इसी कारण इसे पंचामृत नाम दिया गया है। पंचामृत खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होता है और इसमें उपयोग की जाने वाली सभी चीजे गुणों से भरपूर होती हैं। इसका सेवन सेहत के लिए भी लाभकारी माना गया है।

यदि आप पुत्रदा एकादशी का व्रत करने जा रहे हैं तो इस दिन पूजा में श्री हरि को पंचामृत का भोग लगाना न भूलें। तो आइए जान लेते हैं पंचामृत बनाने की आसान विधि और इसे बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री के बारे में।

पंचामृत बनाने के लिए सामग्री

दूध – 1 कप दही – 1 कप देसी घी – 2 टी स्पून शक्कर – 4 टेबलस्पून तुलसी पत्ते – 4-6

पंचामृत बनाने की विधि

1- पंचामृत तैयार करने के लिए सबसे पहले गाढ़ी दही को एक बर्तन में अच्छे से फेंट लें। दही को फेंटने में आपको करीब 2 से 3 मिनट का वक्त लगेगा।

2- इसके बाद इसमें दूध मिलाएं। दूध डालने के बाद आप इसमें शक्कर डालें और दही के साथ सभी चीजों को अच्छे से मिक्स कर लें।

3- ध्यान रहे, कि शक्कर पूरी तरह से पंचामृत में घुल जानी चाहिए। फिर इसमें देसी घी भी मिक्स कर दें। फिर इसमें तुलसी के पत्ते तोड़कर डालें और बस तैयार है भगवान विष्णु का प्रिय भोग।

4- इस पंचामृत का आप सबसे पहले भगवान को भोग लगाएं और फिर खुद ग्रहण करें तथा प्रसाद के रूप में सबको वितरित करें।

लेखिका- सीमा कुमारी

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