क्या आपका पुखराज रत्न असली है या नकली, इन तरीकों से करें इसकी पहचान और जानिए नियम भी

Original Pukhraj Stone: कई बार लोग असली पुखराज की जगह नकली पुखराज पहन लेते है जो लाभ की जगह नुकसान दे सकता है। असली और नकली पुखराज की पहचान करने के लिए इन बातों पर ध्यान देना जरूरी होता है।
असली नकली पुखराज की पहचान करें
असली नकली पुखराज (सौ.सोशल मीडिया)
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Methods for Identifying Topaz: ज्योतिषीय विज्ञान में रत्न शास्त्र का अलग महत्व है। यह शास्त्र ग्रहों की स्थिति को सुधारने के लिए सलाह देता है। इस रत्न को ग्रहों की स्थिति के अनुसार धारण करना सही होता है। रत्नों में से एक पुखराज है जिसे बृहस्पति ग्रह से जुड़ा एक बहुमूल्य और मूल्यवान रत्न माना जाता है। इस पुखराज को पहनने से ज्ञान, धन, स्वास्थ्य, विवाह, समृद्धि और मान-सम्मान जैसी समस्याओं पर आराम मिलता है।

यह आमतौर पर पीले रंग का होता है, जो हल्के नींबू जैसे पीले से लेकर गहरे सुनहरे पीले तक हो सकता है। कई बार लोग असली पुखराज की जगह नकली पुखराज पहन लेते है जो लाभ की जगह नुकसान दे सकता है। असली और नकली पुखराज की पहचान करने के लिए इन बातों पर ध्यान देना जरूरी होता है।

कैसी होती है असली पुखराज की बनावट

असली पुखराज की पहली पहचान उसकी बनावट पर निर्भर करता है। असली पुखराज का रंग हल्का पीला से लेकर गहरा सुनहरा तक होता है वहीं पर एक जैसा ही होता है इसमें कोई हरा या भूरा रंग नहीं होना चाहिए। पुखराज को देखें तो, यह रत्न बहुत स्पष्ट होता है और प्राकृतिक आंतरिक दरारें या समावेशन इसमें नजर आ सकते है। यह असली पुखराज के संकेत होते है। इसके विपरीत अगर इस रत्न में कोई भी समावेशन नहीं है या बहुत ज़्यादा बुलबुले दिख रहे हैं, तो वह नकली कहलाता है।

पुखराज में नजर आती है रोशनी

यहां पर असली पुखराज की बात की जाए तो, असली पुखराज में एक प्राकृतिक और रेशमी चमक होती है, जो प्रकाश को शानदार ढंग से परावर्तित करती है। वहीं पर असली पुखराज में ऐसा होता है कि, प्रकाश की अलग-अलग दिशाओं में देखने पर, यह दो अलग-अलग रंग दिखाता है. जो एक प्राकृतिक रत्न का महत्वपूर्ण संकेत है। इसके अलावा असली पुखराज की बात की जाए तो, असली पुखराज वजन में भारी महसूस होता है और वहीं पर असली पुखराज का वजन नकली पुखराज की तुलना में अधिक होता है। चौबीस घंटे तक दूध में रखने पर यदि क्षीणता एवं फीकापन न आए तो असली होता है। पुखराज चिकना, चमकदार, शुद्ध पानीदार, पारदर्शी एवं व्यवस्थित किनारे वाला होता है।

नकली पुखराज पहनने से नुकसान

अगर आप बिना पहचान किए असली की जगह नकली पुखराज पहनते है तो आपको इसके नुकसान मिलते है। इसके कारण नकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य संबंधी समस्या, आर्थिक नुकसान और रिश्तों में तनाव हो सकता है। इन बातों से बचना चाहिए।

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