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नर्मदा जयंती 2026 शिव के पसीने से हुआ जन्म, जानिए क्यों ‘प्रलय’ में भी अमर है मां नर्मदा!

Narmada Birth Story : मां नर्मदा को समर्पित नर्मदा जयंती हर वर्ष माघ के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर मनाई जाती है। इस बार 25 जनवरी को मनाई जा रही है। इसी दिन रथ सप्तमी भी है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Jan 24, 2026 | 05:47 PM

मां नर्मदा (सौ.सोशल मीडिया)

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Narmada Jayanti 2025 Date: मां नर्मदा को समर्पित नर्मदा जयंती इस बार 25 जनवरी को मनाई जा रही है। इसी दिन रथ सप्तमी भी होने से इस पर्व का महत्व और बढ़ गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन मां नर्मदा की पूजा-अर्चना और दीपदान जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि मां नर्मदा की साधना करने से साधक को जीवन में सभी दुखों से मुक्ति मिलती है।

साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। क्या आप जानते हैं कि मां नर्मदा धरती पर कैसे अवतरित हुईं। अगर नहीं, तो ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि मां नर्मदा के अवतरण से जुड़ी कथा के बारे में।

नर्मदा जयंती 2026 डेट और शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत 25 जनवरी को रात 12 बजकर 39 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 25 जनवरी को 11 बजकर 10 मिनट पर होगा। ऐसे में नर्मदा जयंती 25 जनवरी को मनाई जाएगी।

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नर्मदा जयंती का शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त- 05 बजकर 26 मिनट से 06 बजकर 19 मिनट तक
अमृत काल – सुबह 11 बजकर 15 मिनट तक से 12 बजकर 49 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 20 मिनट तक से 03 बजकर 03 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 05 बजकर 52 मिनट से 06:19 मिनट तक

कैसे हुई अवतरित हुईं मां नर्मदा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्राचीन काल में मैखल पर्वत पर भगवान शिव तपस्या में लीन थे। उसी समय महादेव के पसीने से एक कन्या का जन्म हुआ, जिनका नाम नर्मदा रखा गया। नर्मदा का अर्थ है सुख प्रदान करने वाली।

भगवान शिव ने मां नर्मदा को आशीर्वाद दिया कि जो भी उनके दर्शन करेगा, उसका कल्याण होगा। मैखल पर्वत पर उत्पत्ति होने के कारण मां नर्मदा को मैखल राज की पुत्री भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि नर्मदा नदी में स्नान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

ये भी पढ़ें-फिटकरी कैसे दिलाएगा धन-दौलत? जानिए घर के वास्तु से इसका कनेक्शन

नर्मदा जयंती पर जरूर करें ये काम

  • इस दिन नर्मदा तट पर दीपदान करें, इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
  • मां नर्मदा को चुनरी या साड़ी अर्पित करें, वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है।
  • हलवा, खीर आदि का भोग लगाएं।
  • मंदिर या जरूरतमंदों को अन्न और धन का दान करें।

How narmada appeared shiva blessing

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Published On: Jan 24, 2026 | 05:47 PM

Topics:  

  • Religion
  • Sanatana Dharma

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